रीवा के रोर गांव में आज कार्यक्रम के दौरान भाजपा के दो छोर एक साथ मंच पर नजर आए- प्रदेश के सबसे सीनियर विधायकों में शामिल गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह और रीवा के सबसे युवा भाजपा विधायक सिद्धार्थ तिवारी का मंच साझा करना जितना औपचारिक था, उससे कहीं ज्यादा चर्चा में रहा नागेंद्र सिंह का भाषण, जिसमें उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय पंडित श्रीनिवास तिवारी और उनके पोते, वर्तमान विधायक सिद्धार्थ तिवारी की जमकर तारीफ की। गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह ने खुले मंच से अपनी चुनावी जीत का श्रेय तिवारी परिवार को दे दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत से लेकर आज तक अगर किसी परिवार का सबसे बड़ा योगदान रहा है, तो वह अमहिया और पंडित श्रीनिवास तिवारी का परिवार है। 1985 का किस्सा सुनाया नागेंद्र सिंह ने अपने पहले चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1985 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। उस समय उन्हें टिकट अर्जुन सिंह खेमे से मिला था, जबकि अर्जुन सिंह और पंडित श्रीनिवास तिवारी के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर थी। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान वह खुद पंडित श्रीनिवास तिवारी के पास पहुंचे, उनके पैर छुए और अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने का आग्रह किया। यह सुनकर तिवारी हैरान रह गए और पूछा कि क्या आपने अपने नेता से पूछ लिया है। नागेंद्र सिंह ने मंच से कहा “मैंने उनसे कहा कि टिकट मिल गया है, अब चुनाव हर हाल में जीतना है। इसमें किसी से पूछने की जरूरत नहीं।” इसके बाद पंडित श्रीनिवास तिवारी ने उनके लिए चुनाव प्रचार किया और उसी का परिणाम रहा कि वे पहली बार विधायक बने। अर्जुन सिंह का भी किया जिक्रनागेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि बाद में कुछ लोगों ने स्वर्गीय अर्जुन सिंह से इस बात की शिकायत की थी। इस पर अर्जुन सिंह ने शिकायत करने वालों को फटकार लगाते हुए कहा था कि नागेंद्र चुनाव लड़ना जानते हैं, इसलिए उन्होंने पंडित श्रीनिवास तिवारी से प्रचार करवाया। “आज विधायक हूं तो सिद्धार्थ की वजह से” अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में गुढ़ विधायक ने वर्तमान विधायक सिद्धार्थ तिवारी की भूमिका को भी खुलकर स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में सिद्धार्थ तिवारी ने उन्हें पूरा सहयोग दिया। “अगर आज मैं विधायक हूं, तो उसमें सिद्धार्थ की बड़ी भूमिका है। मैं अब अपनी राजनीति के लगभग आखिरी पड़ाव पर खड़ा हूं। मेरी राजनीति की नींव भी तिवारी परिवार से जुड़ी है और अंतिम पड़ाव भी।” सीनियर विधायक के इस भावुक और खुले बयान ने न सिर्फ कार्यक्रम में मौजूद लोगों को चौंकाया, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी नई चर्चा को जन्म दे दिया है।


