ब्रजेश पांडेय प्रदेश के 30 एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई) में 9 माह में भर्ती हुए 21 हजार 994 में से 2 हजार 351 नवजात की मौत हुई है। जो प्रसव के बाद कुल भर्ती हुए नवजात शिशुओं का 10.69% है। इसके अलावा एक हजार 469 केस रेफर हुए है। स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने के दावों के बीच यह खुलासा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट से हुई है। यह रिपोर्ट बालोद सहित प्रदेश के सभी जिले के सीएमएचओ और सिविल सर्जन को उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों में संचालित एसएनसीयू में अप्रैल से लेकर दिसंबर 2025 तक भर्ती होने वाले नवजातों के संबंध में रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के आधार पर सभी जिले के सीएमएचओ, सिविल सर्जन की समीक्षा बैठक 29 और 30 जून को राज्य स्तर पर हुई है। हालांकि पोल न खुल जाए इसलिए विभागीय अफसरों ने चुप्पी साध ली है। सीएमएचओ डॉ. जेएल उइके का कहना है कि प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में बालोद की स्थिति बेहतर है। यहां चाइल्ड हॉस्पिटल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती 569 में से 536 नवजात स्वस्थ हुए हैं। 24 केस रेफर व 9 की मौत की जानकारी है। मृत्यु दर सिर्फ 1.23% है। डॉ. प्रदीप जैन, वरिष्ठ चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग से जारी रिपोर्ट के अनुसार चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) के एसएनसीयू में भर्ती होने वाले 94.55% नवजात स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए है। मृत्यु दर 2 प्रतिशत से भी कम है। इस वजह से अन्य जिलों की तुलना में बालोद की स्थिति बेहतर मानी जा रही है। हालांकि सुधार की गुंजाइश है क्योंकि 5 नर्स व दो डॉक्टर के भरोसे 24 घंटे 12 से 14 बेड में भर्ती नवजातों की निगरानी करना चुनौती बनी हुई है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सीएमएचओ ने दो नर्स की ड्यूटी 31 जनवरी तक लगाई थी। आप भी जानिए, इन जिलों में मृत्यु दर 10% से ज्यादा रायपुर में एसएनसीयू में अप्रैल से दिसंबर तक प्रसव के बाद 35 बेड में 1499 नवजात भर्ती हुए। इनमें से 59.11% डिस्चार्ज हुए। मृत्यु दर 31.42% रहा। रेफर 0.6% हुए। इसी तरह अंबिकापुर में 30 बेड में 2602 नवजात भर्ती हुए। इनमें से 70.1% डिस्चार्ज हुए। मृत्यु दर 21.83% रहा। रेफर 6.11% हुए। जगदलपुर में 48 बेड में 2406 नवजात भर्ती हुए। इनमें से 76.6% डिस्चार्ज हुए। मृत्यु दर 21.07% रहा। रेफर 1.7% हुए। बीजापुर में 10 बेड में 277 नवजात भर्ती हुए। इनमें से 64.26% डिस्चार्ज हुए। मृत्यु दर 20.22% रहा। रेफर 11.19% हुए। रायगढ़ में 15 बेड में 880 नवजात भर्ती हुए। इनमें से 81.82% डिस्चार्ज हुए। मृत्यु दर 13.64% रहा। रेफर 0.23% हुए। कोंडागांव में 12 बेड में 780 नवजात भर्ती हुए। इनमें से 73.46% डिस्चार्ज हुए। मृत्यु दर 10.64% रहा। रेफर 13.85% हुए। विशेषज्ञ, स्टाफ, सुविधाओं की कमी, इलाज मंे देरी होने से प्रसव के बाद एसएनसीयू में भर्ती होने वाले कई नवजात शिशुओं की मौत हो रही है। कई बार परिजन भी देरी से इलाज कराने पहुंचते है। ऐसे कई कारण से जिनकी वजह से नवजात की मौत के मामले सामने आते हैं।


