10 नई नगरपालिकाओं समेत राज्य के 53 नगरीय निकायों में संपत्तिकर जमा करने के लिए ऑनलाइन सिस्टम शुरू कर दिया गया है। ऑनलाइन सिस्टम में भी अब सिर्फ वेबसाइट ही नहीं वाट्सएप चैटबॉट से भी एक क्लिक में टैक्स जमा हो सकता है। मार्च शुरू होते ही निगम के जोन दफ्तरों में लोगों की भीड़ जमा हो जाती थी। आम लोग और निगम के अधिकारियों के बीच चिल्हर नहीं होने से विवादों की स्थिति बनती थी। लोगों को यह पता ही नहीं चल पाता था कि उनका संपत्तिकर कितना बकाया है। ऑनलाइन सिस्टम आने के बाद लोग खुद घर बैठे अपना संपत्तिकर बकाया भी देख सकते हैं। 43 पुराने और 10 नई नगर पालिकाओं को मिलाकर अब 53 नगरीय निकायों में संपत्तिकर जमा करने का ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया जा चुका है। बस्तर संभाग के कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर के साथ उत्तरी छत्तीसगढ़ के जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चरचा जैसे दूर-दराज के निकायों में भी सुविधा। सरल-पारदर्शी सेवा प्राथमिकता: सीएम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10 नगर पालिकाओं में यह सुविधा शुरू करने के मौके पर कहा कि कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाओं का पहुंचना ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि इस व्यवस्था से लाखों शहरी नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स के बारे में वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान कैसे कर सकते हैं?
संपत्तिकर का ऑनलाइन भुगतान अब वाट्सएप चैटबाट, यूपीआई और स्कैनर सिस्टम से भी किया जा सकता है। इसके लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
ऑनलाइन टैक्स जमा करने के किसी भी माध्यम के लिए प्रॉपर्टी आईडी जरूरी है। वेबसाइट में किस तरह की सुविधा मिलेगी?
छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन विभाग की वेबसाइट uad.cg.gov.in या फिर स्थानीय निकाय की वेबसाइट में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने का विंडो दिया गया है। राज्य सरकार की वेबसाइट में सबसे पहले नगरीय निकाय का विकल्प चुनना पड़ेगा। नगर निगम या पालिका का चयन करने के बाद उसमें प्रॉपर्टी आईडी डालने के बाद टैक्स का डिमांड नोट ओपन होगा और साथ में भुगतान का विकल्प पूछा जाएगा। और कोई विकल्प मिलेगा क्या?
हां, विकल्प के रूप में यूपीआई, नेट बैंकिंग इत्यादि माध्यम चुनकर भुगतान किया जा सकता है। भुगतान के बाद टैक्स रसीद भी जनरेट होगी। इसे अपलोड किया जा सकता है। ऑनलाइन टैक्स जमा करने के माध्यमों में वेबसाइट, वाट्सएप चैटबॉट, डिजिटल स्कैनर, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, पीओएस मशीन शामिल है। अगस्त 2025 से पहले सिर्फ 7 नगरीय निकायों में सिस्टम: अगस्त 2025 से पहले प्रदेश के सिर्फ सात नगरीय निकायों रायपुर, दुर्ग, रिसाली, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ में ही ऑनलाइन संपत्तिकर की सुविधा थी। अगस्त 2025 में तीन नए नगर निगम बीरगांव, भिलाई-चरोदा और धमतरी के साथ कुल 43 नगरीय निकायों में जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन जमा करने के लिए पोर्टल लॉन्च किया गया। नए जुड़े नगर पालिकाओं में तिल्दा-नेवरा, गोबरानवापारा, आरंग, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, महासमुंद, बागबहरा, सराईपाली, कुम्हारी, अहिवारा, जामुल, बालोद, दल्लीराजहरा, बेमेतरा, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, तखतपुर, रतनपुर, मुंगेली, दीपका, कटघोरा, जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, अकलतरा, खरसिया, सारंगढ़, जशपुर नगर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चर्चा नगर पालिकाओं में यह सुविधा उपलब्ध है।


