सुविवि कुलगुरु प्रो. सुनीता का पद से इस्तीफा:औरंगजेब को कुशल प्रशासक बताकर विवादों में घिरीं थीं, 3 माह में मिलेगा नया वीसी

क्रूर औरंगजेब को कुशल प्रशासक बताकर विवादों में घिरीं सुविवि कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा का इस्तीफा राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने स्वीकार कर लिया है। वे 66 दिन से छुट्‌टी पर थीं। उन पर वित्तीय अनियमितताओं, पद के दुरुपयोग जैसे आरोप भी लगे।
15 सितंबर से ही उनपर इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा था। लेकिन, वे इस्तीफा नहीं देकर 23 सितंबर को अवकाश पर चलीं गईं। भास्कर ने पहले ही बता दिया था कि अब कुलगुरु की वापसी संभव नहीं हैं। क्योंकि राज्यपाल उन्हें इसलिए बर्खास्त नहीं कर रहे थे ताकि वे हाईकोर्ट नह जा सके। कुलगुरु पद पर उनका 8 माह 9 दिन का कार्यकाल शेष था। उन्हें गत 6 अगस्त 2023 को नियुक्त किया गया था। कार्यकाल 6 अगस्त 2026 तक था। अब सुविवि को आगामी 3 माह के भीतर नया कुलगुरु मिल सकता है। राज्यपाल बागड़े के निर्देश पर सुविवि कुलगुरु के लिए नई सर्च कमेटी गठित की जाएगी। सर्च कमेटी 10 साल बतौर प्रोफेसर सेवाएं देने वाले शिक्षाविदों के आवेदन आमंत्रित करेगी। फिर छंटनी कर 5 शिक्षाविदों के नाम राज्यपाल के पास भेजेगी। राज्यपाल बागड़े की अनुशंसा पर सीएम भजनलाल शर्मा किसी 1 शिक्षाविद् के नाम पर मुहर लगाएंगे। इस बार उम्मीद है कि सुविवि को मेवाड़ या राजस्थान का ही शिक्षाविद् नए कुलगुरु के रूप में मिलेगा। आगे क्या : अनियमितताओं की जांच जारी, आरोप साबित हुए तो कार्रवाई राज्यपाल बागड़े ने कुलगुरु प्रो. सुनीता के इस्तीफा को स्वीकार करते हुए जारी किए आदेश में जांच कमेटी का भी उल्लेख किया है। अगर जांच रिपोर्ट में आरोप सिद्ध हुए तो अग्रिम कार्रवाई भी की जा सकेगी। राज्यपाल के निर्देश पर जांच कमेटी 20 सितंबर से प्रो. सुनीता के विवादित बयान, पद का दुरुपयोग करने, नारेबाजी करने वाले 8 छात्रनेताओं का निष्कासन, संविदा कर्मचारियों के सेवा विस्तार रोकने, डीन व अन्य पदों पर मनमर्जी से नियुक्ति और वित्तीय अनियमितता जैसे आरोपों की जांच कर रही है। कमेटी में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त छोगाराम देवासी, आरएसएमएमएल के वित्तीय सलाहकार सुरेश कुमार जैन, कलेक्ट्रेट के उप विधि परामर्शी कैलाशचंद्र स्वर्णकार और आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विपिन माथुर सदस्य हैं। छात्रों ने खुशी मनाई एबीवीपी सुविवि इकाई अध्यक्ष प्रवीण टांक के नेतृत्व में कुलगुरु के इस्तीफे पर आतिशबाजी कर मिठाई बांटी। श्रीराजपूत करणी सेना के संभाग अध्यक्ष परमवीर सिंह दुलावत, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मयूरध्वज सिंह, कुलदीप सिंह सुवावत, मिलिंद पालीवाल, एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष मोहित नायक, चिराग चौधरी, रोहित पालीवाल ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए इसे मेवाड़ की जीत बताया है। प्रो. अमेरिका सिंह भी अवकाश पर जाने के बाद नहीं लौट सके प्रो. सुनीता मिश्रा दूसरी कुलगुरु हैं, जो विवादों के बीच अवकाश पर गईं और वापस पद पर आसीन नहीं हो सकीं। इससे पहले पहले कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह भी विवादों में आने के बाद 19 अप्रैल 2022 को अवकाश पर चले गए। इसके बाद उनकी वापसी नहीं हो सकी थी। फिर 14 जुलाई 2022 को उन्हें निलंबित कर दिया गया। हालांकि, इससे पहले कुलपति प्रो. जेपी शर्मा भी विवादों के बीच अवकाश पर गए थे, जिनकी वापसी हुई थी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *