भास्कर न्यूज | कव र्धा कलेक्टर गोपाल वर्मा ने सोमवार को समय सीमा की बैठक ली। इसमें सुशासन तिहार के तीसरे चरण में चल रहे समाधान शिविरों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पहले चरण में प्राप्त अधिकतर आवेदनों का निराकरण हो चुका है। शेष आवेदनों के शीघ्र निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी पोर्टल पर निराकरण की स्थिति नियमित दर्ज करें। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और निगरानी आसान होगी। बैठक में जिले के विकास कार्यों की गहन समीक्षा हुई। लंबित प्रकरणों के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए। निर्माणाधीन परियोजनाओं, अधोसंरचना विकास और सिंचाई योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले, इसके लिए सभी विभाग ठोस प्रोजेक्ट तैयार करें। योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, अपर कलेक्टर मोनिका कौड़ों, मुकेश रावटे, नरेन्द्र पैकरा, विनय पोयाम, सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर मौजूद रहे। जल्द खाद-बीज का भंडारण करने कहा कलेक्टर ने खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गर्मी के बाद धान की बुआई शुरू हो जाती है। सभी तैयारी समय पर पूरी हों, ताकि किसानों को परेशानी न हो। खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एग्रीस्टेक परियोजना के तहत फार्मर आईडी निर्माण कार्य की समीक्षा की गई। इसे प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिले में चल रहे अधोसंरचना निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें प्रभारी मंत्री, विधायक निधि, सांसद निधि और अनुशंसा से स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मिनी स्टेडियम, सीसी रोड, नाली निर्माण, मंच निर्माण और महतारी सदन जैसी घोषणाओं के कार्य शीघ्र पूरे करने को कहा। काम में तेजी लाने सभी सीईओ को दी हिदायत अमृत सरोवर योजना की समीक्षा करते हुए सभी जनपद सीईओ को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। शासन के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण किया जाएगा। राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि अविवादित नामांतरण और बंटवारे के आवेदन तुरंत निपटाएं। विवादित मामलों का भी समय सीमा में निराकरण हो। तथ्यों के आधार पर निर्णय लें, ताकि अनावश्यक विलंब न हो।


