सूरजपुर जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम ने पिछले दो दिनों में 4 बाल विवाह रोके हैं। वहीं, ग्राम पंचायत सरईपारा के नवनिर्वाचित सरपंच विजय सिंह ने बाल विवाह को रोकने के लिए अनूठी पहल की है। सरपंच ने घोषणा की है कि 18 वर्ष से अधिक उम्र की लड़की और 21 वर्ष से अधिक उम्र के लड़के की शादी पर 2000 रुपए दिए जाएंगे। दो नाबालिग बहनों का विवाह होने वाला था मामला भटगांव थाना क्षेत्र का है जहां ओडगी विकासखंड में दो नाबालिग बहनों का विवाह होने जा रहा था। बड़ी बहन नाबालिग थी और छोटी बहन 8वीं कक्षा की छात्रा है। ग्रामीणों की सूचना के बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल के नेतृत्व में टीम ने तुरंत कार्रवाई की। जिला कार्यक्रम अधिकारी रमेश साहू के निर्देश पर टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी रोक दिया। बारात को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। दोनों नाबालिग बहनों को रेस्क्यू कर सखी वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित पहुंचाया गया है। गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प रामानुजनगर के सरईपारा गांव के नवनिर्वाचित सरपंच ने ग्रामीणों के सामने वादा किया कि वे खुद बाल विवाह को रोकेंगे। उनकी इस पहल का उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने इस कदम के लिए सरपंच को बधाई और शुभकामनाएं दीं।


