धनबाद में सेंट्रल हॉस्पिटल के सफाईकर्मी अजीत डोम ने पड़ोस में रहने वाली 22 वर्षीया दिव्यांग युवती के साथ दुष्कर्म किया। मामला सरायढेला थाना क्षेत्र के जगजीवन नगर की है। इधर, वारदात के बाद इलाके के लोग आक्रोशित हो गए। स्थानीय लोगों ने सोमवार की शाम में आरोपी के घर में तोड़फोड़ की। गिरफ्तारी नहीं होने पर रात 11 बजे आरोपी का घर फूंक डाला। घटना के बाद से आरोपी फरार है। आरोपी अजीत दो शादियां कर चुका है। युवती मानसिक रूप से कमजोर व बोल नहीं पाती है। रविवार की 2 बजे वह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। इस दौरान आरोपी मुंह दबा कर उसे अपने आवास के एक कमरे में ले गया। मरा समझकर चहारदीवारी से बाहर फेंक दिया इधर, दुराचार के बाद आरोपी ने जान मारने की नीयत से युवती को लहूलुहान कर दिया और फिर सोमवार सुबह 5 बजे मरा समझकर चहारदीवारी से बाहर फेंक दिया। परिजनों को युवती जख्मी हालत में मिली। परिजनों का आरोप है कि रात 2 बजे गुमशुदगी की शिकायत करने सरायढेला थाना पहुंचे, लेकिन गेट बंद था। आवाज देने के बाद भी थाने का गेट नहीं खुला तो वे वापस आ गए। इसके बाद परिजन सोमवार की शाम 4 बजे थाना पहुंचे और घटना की शिकायत की। शिकायत मिलने पर थाना प्रभारी नूतन मोदी पीड़िता को मेडिकल कराने एसएनएमएमसीएच ले गईं। घर की महिलाओं व भतीजे को सुरक्षित थाने लेकर पहुंची पुलिस
लोगों को आक्रोशित देख पुलिस ने आरोपी अजीत डोम के घर में मौजूद महिलाओं व भतीजे को सुरक्षित थाने ले गई। हालांकि पुलिस स्तर से भी चूक दिखी। लोगों का गुस्सा भांपने के बावजूद पुलिस इलाके में मुस्तैद नहीं रही। नतीजा यह हुआ कि लोगों ने घर फूंक डाला। हालांकि पुलिस का कहना है कि पटाखे से आरोपी के घर में आग लगी है। दो बच्चों का बाप है आरोपी
वहीं, घटना जानकारी मिलते ही स्थानीय महिलाएं उग्र हो गईं। महिलाओं ने आरोपी के घर को घेर लिया। आवास से सटे एक कमरे में तोड़फोड़ करते हुए जमकर हंगामा किया। शाम चार बजे से छह बजे तक आरोपी का घर घेरे रखा। सूचना पर सरायढेला थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचीं। महिलाओं को समझा कर शांत कराने का प्रयास किया। महिलाएं इतनी उग्र थीं कि आरोपी के घर में छुपे होने की बात कह अंदर घुसने का प्रयास कर रही थी। आरोपी की उम्र 35 साल से अधिक है। तीन बच्चे हैं और दो शादी कर चुका है।


