शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर लोकल बॉडीज विभाग के सेक्रेटरी मनजीत सिंह बराड़ ने चीफ इंजीनियर राजीव सेखड़ी और अमृतसर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की ईओ सुरिंदर कुमारी को सस्पेंड कर दिया है। यह सस्पेंशन रणजीत एवेन्यू इलाके की 97 एकड़ और सी ब्लॉक स्कीम के काम से संबंधित टेंडरों की प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों के संतोषजनक जवाब न देने पर की गई है। मामले में 16 जनवरी को दोनों अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया, लेकिन विभाग इनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। इसलिए सिविल सेवा रूल 1970 के नियम 4 (1) (ए) के तहत तत्काल प्रभाव से इन पर कार्रवाई कर दी गई। सस्पेंशन के दौरान इनका हैडक्वार्टर चंडीगढ़ दफ्तर रहेगा। सस्पेंशन लेंटर में आरोप पत्र अलग से जारी किए जाने के बारे में लिखा गया है। गौरतलब है कि बीते 30 दिसंबर को 52 करोड़ के टेंडर जारी करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी के मामले में ट्रस्ट के 7 अफसरों को सस्पेंड करने के साथ ही सेखड़ी से चीफ इंजीनियर का चार्ज वापस ले लिया गया था। हालांकि, सस्पेंड अफसरों ने बीते 9 जनवरी को हाईकोर्ट में सेक्रेटरी के आदेश को चैलेंज किया था। इसके बाद कोर्ट ने 13 जनवरी को सस्पेंशन पर स्टे-ऑर्डर जारी कर दिया था। वहीं, बीते 20 जनवरी को हाईकोर्ट ने टेंडर भी रद्द का दिया था। रणजीत एवेन्यू में विकास कार्यों के लिए 52.40 करोड़ रुपए का ऑनलाइन टेंडर लगाया गया था, जिसे बाद में 52.82 करोड़ रुपए का कर दिया गया। 18 दिसंबर को टेंडर की फाइनेंशियल बिड ओपन होने पर शर्मा कांट्रेक्टर 1.08% की लेस देकर एच-1 बिडर बना। राजिंदर इंफ्रास्ट्रक्चर ने 0.25% की लेस दी। सीगल इंडिया और गणेश कार्तिकेय कंस्ट्रक्शन के डाक्यूमेंट्स पूरे नहीं होने पर फाइनेंशियल बिड से बाहर कर दिया गया। सीगल इंडिया ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चीफ सेक्रेटरी से शिकायत की थी। चीफ सेक्रेटरी ने मौखिक तौर पर डीसी को जांच के आदेश दिए थे। इस पर एडीसी की 3 मेंबरी कमेटी की रिपोर्ट के बाद से अफसरों पर गाज गिरती आ रही है। अब तक कुल 9 अफसरों को सस्पेंड किया जा चुका है। इसमें 7 को कोर्ट से स्टे मिल चुका। वहीं, इसी टेंडर मामले में एसएसपी विजिलेंस को सस्पेंड किया गया था। फगवाड़ा में 12 साल पहले ईओ पद पर कार्यरत रही सुरिंदर कुमारी को जसविंदर नामके शख्स को प्रॉपर्टी का फायदा पहुंचाने के लिए हाईकोर्ट में एफिडेविट झूठा देने पर एडिश्नल चीफ सेक्रेटरी ने चार्जशीट किया था। दरअसल, जसविंदर नाम के शख्स ने साल-2003 में हाईकोर्ट में केस किया कि 29 मरला जगह में 2.19 मरला में निर्माण हुआ है। इसमें उसकी जगह भी बनती है। साल-2013 में ईओ सुरिंदर कुमारी ने कोर्ट को हलफनामा दिया कि उक्त जगह पर निर्माण हुआ है। मामले में जांच कराने पर सामने आया था कि कोर्ट को गलत जवाब दिया है। उस जगह पर कोई निर्माण नहीं हुआ है। -इंडियन एयरलाइंस की ओर से स्टाफ की रिहायश के लिए खरीदी अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की 1 एकड़ जमीन की मालिकी प्राइवेट लोगों के नाम ऑनरशिप ट्रांसफर करने के मामले में लोकल बॉडीज विभाग ने ईओ सुरिंदर कुमारी को चार्जशीट किया था। इसके अलावा सुरिंदर कुमारी को प्रापर्टीज की ई-ऑक्शन के मामले में भी चार्जशीट किया जा चुका है।


