सेना दिवस पर भीलवाड़ा में गूंजे देश भक्ति गीत:कवि शशिकांत बोले- मैं हूं सरहद पै मेरे देश, तेरा हर भाव चंगा हो…

भीलवाड़ा में 78वें सेना दिवस के अवसर पर सतत सेवा संस्थान की ओर से महाराणा प्रताप सभागार में सैन्य आराधना काव्य संध्या का आयोजन किया गया। आयोजन देश की सीमाओं पर सतत तैनात वीर जवानों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को समर्पित रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। काव्य पाठ के माध्यम से कवियों ने राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति की भावना से सभागार को सराबोर कर दिया। देशभर से आए कवियों ने बांधा समां काव्य संध्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने ओजस्वी और भावनात्मक रचनाओं की प्रस्तुति दी। देवास (मध्यप्रदेश) से कवि शशिकांत यादव, बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) से कवि शिवकुमार व्यास, जोधपुर से कवयित्री आयुषी राखेचा, नाथद्वारा से कवि कानू पंडित और राष्ट्र कवि योगेन्द्र शर्मा ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। शशिकांत यादव ने दिखाई देशभक्ति की भावना कवि शशिकांत यादव ने ‘मैं हूं सरहद पै मेरे देश, तेरा हर भाव चंगा हो’ जैसी पंक्तियों के माध्यम से मातृभूमि के प्रति समर्पण और बलिदान की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी रचना पर सभागार तालियों से गूंज उठा। शिवकुमार व्यास ने सैनिकों के अनुशासन का किया चित्रण कवि शिवकुमार व्यास ने ‘आंखें सदा लक्ष्य पर रहतीं, पल भर को आराम नहीं’ जैसी पंक्तियों के जरिए सैनिकों के अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और निस्वार्थ सेवा का जीवंत चित्रण किया। आयुषी राखेचा ने सियाचिन के संघर्ष को बताया कवयित्री आयुषी राखेचा ने ‘कोई मौसम कोई रुत हो, या बरसातें सर्दी में…’ जैसी मार्मिक पंक्तियों के माध्यम से सियाचिन जैसे दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों के संघर्ष और त्याग को भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी। राष्ट्र कवि योगेन्द्र शर्मा ने भरा जोश राष्ट्र कवि योगेन्द्र शर्मा ने ‘तुम चाहो तो भारत फिर से, विश्वगुरु हो सकता है…’ सहित राष्ट्रनिर्माण, जनशक्ति और भारतीय चेतना पर आधारित रचनाओं से श्रोताओं में ऊर्जा, आत्मविश्वास और राष्ट्रगौरव का संचार किया। संत-महात्मा और गणमान्य नागरिक रहे मौजूद कार्यक्रम में महामंडलेश्वर हंसराम (हरि सेवा उदासीन आश्रम), संत मोहन शरण (निंबार्क आश्रम), संत दास महाराज (हाथीभाटा आश्रम), महेंद्र रामदास रामायणी, बृजेंद्र शास्त्री (मंशापूर्ण बालाजी पंचवटी) सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, संतजन, समाजसेवी और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संस्थापक चंद्रशेखर शर्मा ने जताया आभार सतत सेवा संस्थान के संस्थापक चंद्रशेखर शर्मा ने सेवा, राष्ट्र समर्पण और वीर जवानों के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में काव्य पाठ करने वाले सभी कवियों, मंचासीन अतिथियों और उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करते हैं।

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