सेफ स्कूल वाहन नीति के तहत 50 स्कूल बसों की जांच, एक इंपाउंड, एक का चालान

भास्कर न्यूज | अमृतसर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। ‘सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी’ के तहत शहर में 3 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर विभिन्न स्कूलों की बसों की जांच की गई। जिला बाल सुरक्षा अधिकारी की अगुवाई में गठित टास्क फोर्स टीम ने कुल 9 स्कूलों की 50 बसों को चेक किया। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर एक बस को इंपाउंड किया गया, जबकि एक अन्य बस का चालान किया गया। अभियान के दौरान शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग के सहयोग से स्कूली वाहनों की व्यापक जांच भी की गई। जिला बाल सुरक्षा अधिकारी तरनजीत सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल बसों के ड्राइवरों की योग्यता, लाइसेंस, वर्दी, बसों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की गई। उनके मुताबिक मौजूदा सर्दी और घने कोहरे के मौसम को देखते हुए सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूल वाहनों में फॉग लाइट, रिफ्लेक्टर, संकेतक और अन्य सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की गई। जहां कमियां पाई गईं, वहां संबंधित स्कूल प्रबंधन को तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए हैं। कुछ बसों में रिफ्लेक्टर और फॉग लाइट लगवाकर उन्हें सुरक्षित संचालन के लिए तैयार किया गया। उन्होंने बताया कि ‘सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी’ को सख्ती से लागू करने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले सभी वाहन पूरी तरह सुरक्षित हों और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच सामाजिक सुरक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग चंडीगढ़ के निदेशक द्वारा भी प्रदेशभर में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए स्कूल वाहनों के सुरक्षित संचालन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अमृतसर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकार की सभी हिदायतों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। प्रशासन ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से भी अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखें और केवल मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों का ही संचालन करें, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।

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