अलवर में बिहार के सुपौल जिले के एक व्यापारी से 3 लाख रुपए की लूट का मामला सामने आया है। पीड़ित हाल ही में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के टिकट पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ चुका था। चुनाव हारने के दो दिन बाद उसे फोन कर “मदद” और “उधार माल दिलाने” का झांसा दिया गया और अलवर बुलाया गया। जहाँ दो भाइयों ने उससे 3 लाख रुपए छीनकर स्कॉर्पियो में बैठकर फरार होने की कोशिश की। आरोपियों ने पीड़ित के प्राइवेट पार्ट पर लात मारी जिससे वहा बहोश हो कर गिर गया था।पुरा घटना क्रम मिलिट्री हॉस्पिटल के सामने हुआ पहले आरोपी उसे कार में घूमाते रहे फिर जय पल्टन के पास पटक कर चले गए घटना की जानकारी आस पास के लोगों ने पुलिस को दी। वारदात की सूचना मिलते ही जिलेभर में नाकाबंदी करवाई गई और सदर थाना पुलिस ने टेल्को सर्किल पर स्कॉर्पियो को रोक लिया। पुलिस को देखकर आरोपी उतरकर भागने लगे, लेकिन कांस्टेबल राजेश ने दौड़कर दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया। कैसे शुरू हुआ झांसा: चुनाव हारने के दो दिन बाद फोन आया पीड़ित मोहम्मद कलीम खान (49), निवासी ठारी भवानीपुर, जिला सुपौल (बिहार) ने बताया कि वे सर्दियों में गर्म कपड़े व गर्मियों में पानी बेचने का काम करते हैं। हाल ही में उन्होंने BSP के सिंबल पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गए थे। रिपोर्ट के अनुसार
चुनाव के दो दिन बाद 16 नवंबर की रात करीब 9:30 बजे उनके मोबाइल पर नंबर 7742645368 से फोन आया। कॉलर ने खुद को “हाफिज” बताया और दावा किया कि वह अलवर का बड़ा होलसेल व्यापारी है और चुनाव में कलीम का प्रचार भी कर चुका है। कॉलर बोला
“आप हार गए हैं, आपको काफी नुकसान हुआ होगा, मैं आपकी मदद करना चाहता हूँ। आप 3 लाख लेकर आ जाओ, मैं 10 लाख तक उधार माल दिला दूँगा।इसके बाद कई दिनों तक लगातार फोन आते रहे।30 नवंबर को आरोपियों ने कहा कि वह सोने की ईंटें तक सस्ता दिलवा देगा, बस 10 लाख की व्यवस्था करें। कलीम के पास पैसे कम थे, इसलिए उन्होंने 3 लाख का इंतजाम किया। अलवर पहुंचते ही दो युवक मिले, बाजार में घुमाया और फिर लूट की पीड़ित 2 दिसंबर की सुबह दिल्ली से जयपुर और वहाँ से बस में अलवर पहुंचे।बस स्टैंड पर उतरते ही दो युवक उनसे मिले और खुद को इनामुल हसन और मोमिन, दोनों भाई, निवासी भण्डारा (डीग जिला) बताया।दोनों ने कलीम के साथ चाय पी, बैग में रखे पैसों की पुष्टि की और कहा कि दुकान थोड़ी देर में खुलेगी, इसलिए बाजार में घूमते रहे। इसी दौरान अचानक काले रंग की स्कॉर्पियो RJ 14 UL 9352 उनके सामने आकर रुकी।मोमिन वाहन चला रहा था जबकि इनामुल कलीम के पास खड़ा था।जैसे ही कलीम ने सिगरेट जलाने के लिए हाथ ऊपर किया, इनामुल ने झपट्टा मारकर 3 लाख रुपए वाला बैग छीन लिया।कलीम ने पकड़ने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके प्राइवेट पार्ट पर जोरदार लात मार दी, जिससे वे वहीं बेहोश होकर गिर पड़े।इसके बाद दोनों आरोपी स्कॉर्पियो में बैठकर फरार हो गए।कलीम को थाना अखैपुरा पुलिस टीम ने अस्पताल में भर्ती करवाया और होश आने पर बयान दर्ज किए गए। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने पूरे जिले में त्वरित नाकाबंदी के आदेश दिए।सदर थाना प्रभारी अजीत सिंह बडसरा अपनी टीम के साथ पहले से टेल्को सर्किल पर नाकाबंदी में थे।कुछ ही देर में वही काली स्कॉर्पियो हनुमान सर्किल की तरफ आती दिखाई दी। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर वाहन रोका, तो कार से उतरकर दोनों आरोपी भागने लगे।कांस्टेबल राजेश (1946) ने दौड़कर दोनों को पकड़ लिया।
बाकी टीम भी मौके पर पहुँच गई।वाहन की तलाशी में वही 3 लाख रुपए बरामद कर लिए गए, जो कलीम से छीने गए थे। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने इनामुल हसन, पुत्र वजीर खान, जाति मेव, उम्र 33 वर्ष व मोमिन, पुत्र वजीर खान, जाति मेव, उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम भण्डारा, थाना जुरहेरा, जिला डीग को गिरफ्तार किया जिनस तीन लाख रुपए नकद व स्कॉर्पियो कार जब्त की


