सीधी जिले में बुधवार को सोन नदी के तटों पर आस्था और परंपरा का संगम देखने को मिला। जिले के 9 स्थानों पर मेलों का आयोजन किया गया, जिनमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल हुए। सुबह से ही घाटों पर भीड़ उमड़ पड़ी, जहां लोगों ने सोन नदी में पवित्र स्नान किया और भगवान को जल अर्पित किया। ये मेले सोन नदी के प्रमुख घाटों जैसे भवरसेन, खैरा, घुघटा, गाय, कोलदह, सिहावल और सोनवर्षा घाट पर लगे। इसके अतिरिक्त, गोपदबनास नदी के बहरी घाट और मझौली क्षेत्र में भी मेलों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों ने दूर-दराज के गांवों से आए लोगों को एक-दूसरे से मिलने और सामाजिक समरसता का अनुभव करने का अवसर प्रदान किया। मेलों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए विभिन्न आकर्षण मौजूद थे। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया, जबकि बड़ों ने बाजार में खरीदारी की और पारंपरिक मिठाइयों व खानपान का स्वाद चखा। खिलौने, घरेलू सामान, पूजा सामग्री और स्थानीय उत्पादों की दुकानों ने मेलों की रौनक बढ़ा दी। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मेलों की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 4 एसडीएम, 8 तहसीलदार और सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। घाटों पर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए, जिससे कोई अव्यवस्था नहीं फैली। चुरहट के एसडीएम शैलेश द्विवेदी ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उन्होंने इस आयोजन को आस्था और परंपरा का प्रतीक बताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।


