देवास में युवा किसान संगठन ने सोयाबीन की फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर बाइक रैली निकाली। रैली स्थानीय राजोदा क्षेत्र से शुरू होकर देवास कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहाँ संगठन ने एक ज्ञापन सौंपा। युवा किसान संगठन ने सोयाबीन पर 5328 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की है। हाथों में ‘आई लव खेती’ के पोस्टर लिए रैली में आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के किसान शामिल थे। किसान अपने हाथों में सोयाबीन की फसल और ‘आई लव खेती’ के पोस्टर लिए हुए थे। यह रैली राजोदा से बालोदा, भानगढ़, गुराड़िया, बांगरदा, कैलोद, टिगरिया गोगा, भड़ापीपल्या, छापरी, निवानिया, कुमारिया, पार्वतीपुरा, सुकल्या, शिप्रा और लौहारपीपल्या होते हुए देवास पहुंची।युवा किसान संगठन के अध्यक्ष रविंद्र चौधरी ने बताया कि वर्तमान में उन्हें मंडियों में सोयाबीन का घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। व्यापारी वर्ग और सरकार की उदासीनता के कारण किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। अडानी, पतंजलि की कंपनी सोयाबीन में मुनाफा कमा रही किसानों ने सरकार से सवाल किया कि जब सोयाबीन के भाव पिछले 10 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर हैं, तो इसका जिम्मेदार कौन है? उन्होंने पूछा कि क्या वास्तव में 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा हुआ? किसानों ने यह भी सवाल उठाया कि जब किसान घाटे में हैं, तो अडानी और पतंजलि फूड जैसी कंपनियाँ सस्ते में सोयाबीन खरीदकर अरबों रुपये का मुनाफा कैसे कमा रही हैं। 5 साल की सज़ा और कठोर दंड की मांग किसानों ने अपनी प्रमुख माँगें रखीं, जिनमें सोयाबीन की खरीदी तुरंत MSP पर शुरू करना, MSP पर खरीदी का कानून बनाना, MSP से कम भाव पर खरीदी करने वाले व्यापारियों या कंपनियों के लिए कम से कम 5 साल की सज़ा और कठोर दंड का प्रावधान करना, भावांतर योजना जैसे छलावे बंद कर वास्तविक समर्थन मूल्य की गारंटी देना और भाव गिराने की साज़िश पर तुरंत रोक लगाकर दोषियों पर कार्रवाई करना शामिल है। राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें शीघ्र नहीं मानी गईं, तो किसान मजबूर होकर सड़कों पर उतरकर राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


