सोशल साइट से फोटो उठा एआई से अश्लील वीडियो बनाई, ​फिर ब्लैकमेल कर कैश ऐंठा

सोशल साइट से से फोटो उठाकर एआई का गलत इस्तेमाल कर अश्लील तस्वीर या वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर पैसे ठगने के मामले सामने आने लगे हैं। इस तरह का एक मामला अमृतसर देहाती से सामने आया है जिसमें एक बैंक कर्मी महिला के सोशल मीडिया अकाउंट से तस्वीर निकालकर एआई के जरिए अश्लील वीडियो बनाई गई, फिर कॉल कर ब्लैकमेल करते हुए बैंक खाते में 22 हजार रुपए डलवाकर लिए गए। अब आरोपी युवती को अलग-अलग नंबरों से कॉल करके 20 हजार रुपए और देने की डिमांड कर रहा है। आरोपी ने धमकी दी है कि अगर पैसे नहीं दिए तो अश्ली वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। इसके बाद पुलिस युवती ने शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि देहाती के साइबर थाना पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर सु​मित सिंह ने बताया कि अज्ञात पर केस दर्ज किया है। जिस खाते में पैसे भेजे गए हैं उनकी जांच कर रहे हैं। लोगों को अवेयर होने की जरूरत है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अगर इस तरह से कोई ब्लैकमेल कर रहा है तो तुरंत 1930 नंबर पर फोन करके शिकायत दर्ज करवाएं। उनका कहना है कि अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज और वीडियो कॉल से दूरी बनाकर रखना ही इस तरह की ब्लैकमेलिंग से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है। मुकेश चौधरी, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना आम बात है मगर जरा सी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है। हाल के मामलों में देखा जा रहा है कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्रोफाइल से तस्वीरें और निजी जानकारी जुटाकर ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर अपराध कर रहे हैं। सोशल मीडिया अकाउंट को पब्लिक रखने से अपराधियों को आपकी तस्वीरें, वीडियो और निजी जानकारियां आसानी से मिल जाती हैं, जिनका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। खासतौर पर एआई तकनीक के जरिए फोटो और वीडियो से फर्जी अश्लील कंटेंट बनाना अब अपराधियों के लिए आसान हो गया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया एप्स के साथ-साथ व्हाट्सएप अकाउंट को भी प्राइवेट रखा जाए। प्रोफाइल फोटो, स्टेटस और लास्ट सीन जैसी सेटिंग्स केवल परिचित लोगों तक सीमित रखें। प्राइवेट अकाउंट करने से कोई भी बाहरी आपकी तस्वीर और जानकारी नहीं ले सकेगा। देहाती एरिया में 2 माह में सामने आए करीब 10/12 मामलों में ब्लैकमेलिंग के 2 पैटर्न सामने आए हैं। पहला तरीका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। इसमें साइबर अपराधी सोशल मीडिया अकाउंट से तस्वीरें डाउनलोड कर लेते हैं। इसके बाद एआई तकनीक की मदद से तस्वीरों से फर्जी अश्लील वीडियो और फोटो तैयार कर ब्लैकमेल कर रहे हैं। दूसरा तरीका खासतौर पर युवकों को निशाना बनाने का है। इसमें पहले अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर युवती बनकर मैसेज भेजा जाता है। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ाई जाती है और भरोसा जीतने के बाद वीडियो कॉल की जाती है। कॉल के दौरान सामने बिना कपड़ों की लड़की दिखाई जाती है, जबकि पूरी बातचीत की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली जाती है। बाद में उसी रिकॉर्डिंग को वायरल करने की धमकी देकर युवकों से पैसे वसूले जा रहे हैं। पीड़ित महिला ने बताया कि एक बैंक में काम करती है। 25 दिसंबर 2025 को उसके व्हाट्सएप नंबर पर भारतीय नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को जालंधर के रहने वाला अमनदीप सिंह बताया। युवक ने कहा कि सोशल मीडिया अकाउंट से उसकी फोटो सेव कर उन्हें एआई की मदद से अश्लील वीडियो और तस्वीरों में बदल दिया है। ब्लैकमेल करते हुए 22 हजार रुपए मांगे। बैंक में छुट्टी होने और लगातार मानसिक प्रताड़ना के चलते उसने पहले 4 हजार और बाद में 18 हजार रुपए यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए भेज दिए। इसके बावजूद आरोपी ने दोबारा 20 हजार रुपए की मांग शुरू कर दी। आरोपी अलग-अलग नंबरों से लगातार कॉल कर रहा है और धमकी दे रहा है कि अगर पैसे न दिए गए तो अश्लील वीडियो और तस्वीरें वायरल कर देगा।

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