बालाघाट जिले में वन विभाग की ओर से स्कूली बच्चों को वन्य जीवन और वनों के महत्व से परिचित कराने के लिए ‘अनुभूति कार्यक्रम’ चलाया जा रहा है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश वन विभाग, म.प्र. इको पर्यटन विकास बोर्ड, मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ और कैम्पा के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। इसका मकसद बच्चों को प्रकृति से जोड़ना और वनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। बच्चों को वनों की उपयोगिता समझाई गई वन परिक्षेत्र दक्षिण उकवा (सा.) के अंतर्गत उकवा की किस नदी क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को पक्षी दर्शन कराया गया और औषधीय पौधों, वानिकी कार्यों तथा वनों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। मानव-वन्यप्राणी संघर्ष जैसे गंभीर विषय को बच्चों के लिए रोचक बनाने के लिए भालू से संबंधित खेल के माध्यम से समझाया गया, जिसे बच्चों ने खूब पसंद किया। इसके अलावा दीमक की बांबी, वन औषधि प्रजातियां, पेड़ों की गणना, तितली दर्शन (पी.आ.पी) और बाघों की गणना जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई। चित्रकला और क्विज प्रतियोगिताओं का भी आयोजन बच्चों की रचनात्मकता और ज्ञान बढ़ाने के लिए चित्रकला और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर अशोक मंडलेकर (जिला अध्यक्ष, लघु वनोपज संघ), मालती उइके (सरपंच, ग्राम पंचायत बिठली), कमल सिंह धुर्वे (सरपंच, ग्राम पंचायत सोनगुड्डा), प्रतापसिंह उइके (अध्यक्ष, ग्राम वन समिति सुंदरवाही) और मेहतलाल इनवाती (अध्यक्ष, ग्राम वन समिति दूल्हापुर) ने प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कृत किया।


