भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में वीर हकीकत राय का बलिदान दिवस मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने वीर हकीकत राय को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में डीसीपी विजय आलम सिंह, नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन करमजीत सिंह रिंटू, डिप्टी मेयर प्रियंका भी शामिल हुए। समारोह में कमेटी प्रधान प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि वीर हकीकत राय का जन्म वर्ष 1719 में पंजाब के स्यालकोट (वर्तमान में पाकिस्तान) में हुआ था। उनके पिता भागमल व्यापारी थे और माता का नाम गौरा था। बाल्यकाल से ही हकीकत राय अत्यंत कुशाग्र बुद्धि के थे। उस समय शिक्षा की व्यवस्था मदरसों में होने के कारण उनके पिता ने उन्हें फारसी पढ़ने के लिए मदरसे में भेजा। प्रो. चावला ने बताया कि एक दिन अनवर और रशीद नामक सहपाठियों से हुए विवाद के दौरान जब हकीकत राय ने मां भवानी की शपथ ली, तो उनके धर्म का अपमान किया गया। हकीकत राय ने केवल इतना कहा कि जिस प्रकार उन्हें फातिमा बीबी के प्रति अपमानजनक शब्द बुरे लगेंगे उसी प्रकार उन्हें भी अपनी आस्था का अपमान सहन नहीं। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के स्टूडेंट्स ने वीर हकीकत राय के जीवन पर आधारित कविताएं, भाषण और भांगड़ा डाला। इस मौके पर महासचिव अरुण खन्ना, पवन कुंदरा, डॉ. राकेश शर्मा, माला चावला, अनिल पाठक, किशोर चड्ढा समेत कमेटी के कई सदस्य मौजूद रहे।


