भास्कर न्यूज | जालंधर अब जिले के सभी स्कूलों को डीईओ सेकेंडरी को सर्टिफिकेट जमा करवाना होगा कि उनके पास सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत पूरे डॉक्यूमेंट है। इससे स्टूडेंट्स और वाहनों की जिम्मेदारी पूरी तरह से स्कूलों की तय हो जाएगी। शुक्रवार को आरटीए बलबीर राज सिंह और आरटीओ अमनपाल सिंह ने जिला प्रशासकीय कॉम्पलेक्स में पहली बार सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी को लेकर मीटिंग की। इस दौरान 150 के करीब अलग-अलग स्कूलों के प्रतिनिधि जिसमें 70 से ज्यादा प्रिंसिपल भी मौजूद रहे। मीटिंग में पॉलिसी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। आरटीए और आरटीओ ने स्पष्ट कहा कि स्कूल की जिम्मेदारी है कि वह अपने वाहन जिसमें स्टूडेंट्स बैठते हैं, के पूरे डॉक्यूमेंट रखें। स्टूडेंट्स से ट्रांसपोर्टेशन की फीस ली जाती है तो स्कूलों की यह भी जिम्मेदारी है कि वह वाहनों के डॉक्यूमेंट पूरे करें। पॉलिसी के तहत आरटीए और आरटीओ विभाग की तरफ से लगातार चेकिंग भी की जाएगी और जिन स्कूलों की बसों के पास पूरे दस्तावेज नहीं हुए और खामियां पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। यहां डीईओ डॉ. गुरिंदर जीत कौर, डिप्टी डीईओ राजीव जोशी, एटीओ विशाल गोयल, एटीओ कमलेश कुमारी मौजूद रहे। मीटिंग में सभी बड़े स्कूलों के प्रिंसिपल भी मौजूद रहे जिन्होंने अपनी सवाल भी अधिकारियों के सामने रखे। मीटिंग हॉल में मौजूद जिले के अलग-अलग स्कूलों के प्रिंसिपल व प्रतिनिधि। स्कूली बसें नहीं कर रही नियमों की परवाह पिछले दिनों एटीओ की तरफ से जो चालान काटे गए थे उसमें हैरानी जनक तथ्य सामने आए थे कि ज्यादातर स्कूली बसों के पास फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है। जबकि यह हर साल अपटेड करवाना जरूरी होता है। इसके अलावा कई बसों का टैक्स अपडेट भी नहीं था। 10 सीटर मिनी टैंपो में 25 सवारियों को बिठाया जाता रहा। मीटिंग में सख्ती से कहा गया है कि स्कूलों को 12 अगस्त तक फिटनेस सर्टिफिकेट पूरे करवाने सहित जल्द से जल्द अन्य दस्तावेज जिसमें टैक्स अपडेट, पासिंग, फर्स्ट एड किट, आग बुझाने के फायर सेफ्टी यंत्र, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, स्कूलों पर संकेतक सूचना, मोबाइल नंबर सहित तमाम जानकारियों को पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा स्कूली वाहनों में अटेंडेंट भी अनिवार्य है और ड्राइवर के पास लाइसेंस होना चाहिए। साथ ही वर्दी भी डाली होनी चाहिए। स्कूलों की जिम्मेदारी है, दस्तावेज पूरे रखें, नहीं तो कार्रवाई : आरटीओ ^ शुक्रवार को सभी प्राइवेट स्कूलों के पास मीटिंग हाल में सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी को लेकर विचार चर्चा की गई। स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वाहनों के सभी दस्तावेज पूरे रखें। बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उनकी है। जब ट्रांसपोर्टेशन फीस ली जाती है तो फिर दस्तावेज क्यों पूरे नहीं होते? आज की मीटिंग में सभी की जिम्मेदारी तय की गई है और स्कूलों को निर्देश है कि वह डीईओ में सर्टिफिकेट जमा करवाएंगे कि उनके वाहन पूरी तरह से फिट है। स्कूली वाहनों की चेकिंग भी लगातार जारी रहेगी। – अमनपाल सिंह, आरटीओ जिला प्रशासकीय कॉम्पलेक्स में हुई मीटिंग में मौजूद आरटीए बलबीर राज सिंह, आरटीओ अमनपाल सिंह, डीईओ डॉ. गुरिंदरजीत कौर।


