भास्कर न्यूज | जांजगीर देश में बढ़ रहे रैबीज के मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया था। कई दिनों की सुनवाई के बाद आदेश दिए गए थे कि पूरे देश में कुत्तों की नसबंदी की जाए और शहरों में उनकी फीडिंग के लिए सुरक्षित स्थान निर्धारित किए जाएं। लेकिन जांजगीर-नैला नगर पालिका ने हाल ही में स्वामी आत्मानंद स्कूल और बीडीएम गार्ड के पास, मेन रोड पर ही श्वान सेवा केंद्र या फीडिंग पॉइंट बना दिया है। नियमों के अनुसार ऐसे केंद्र स्कूल, बच्चों के खेलने की जगह और यातायात प्रभावित न होने वाले सुरक्षित स्थानों पर बनाए जाने चाहिए थे। यहां केवल औपचारिकता पूरी करते हुए पॉइंट बनाया गया है। इससे बच्चों और राहगीरों के लिए खतरा बढ़ सकता है। खासकर स्कूल के पास होने की वजह से स्ट्रीट डॉग के हमले और दुर्घटनाओं की आशंका अधिक है। फीडिंग पॉइंट बनाए जाने का उद्देश्य आवारा श्वानों की देखभाल करना और उन्हें सड़कों पर भटकने से रोकना है। लेकिन स्थान सही नहीं चुना गया तो इस पहल का उल्टा असर पड़ सकता है।


