स्कूल प्रबंधक सेफ स्कूल वाहन नीति की कर रहे अवहेलना

भास्कर न्यूज | लुधियाना लुधियाना में सेफ स्कूल वाहन नीति का सही ढंग से पालन नहीं हो रहा है, जिससे लाखों बच्चों की जिंदगियां खतरे में दिख रही हैं। जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या से अवगत होने के बावजूद भी इससे अनजान बने हुए हैं। शहर में कई ऐसी स्कूल बसें हैं, जिनका फिटनेस प्रमाणपत्र तक नहीं है, और ये बिना मानकों के सड़कों पर दौड़ रही हैं। इन बसों में बच्चे सफर कर रहे हैं, जो उनकी सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है। स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे इन बसों के कागजात को पूरी तरह से सही रखें। लेकिन स्कूल प्रबंधन हर बार यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है कि जिन बसों में बच्चे सफर कर रहे हैं, वे निजी हैं और उनके हायर होने का जिम्मा माता-पिता पर है। यह पूरी तरह से गलत है, क्योंकि स्कूल प्रशासन बच्चों के एडमिशन के दौरान इन बसों की जानकारी और वाहन नंबर अपनी स्कूल डायरी में दर्ज करता है। इसके अलावा, नए सत्र की शुरुआत में ड्राइवरों के साथ माता-पिता द्वारा बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए पैसे तय कर लिए जाते हैं। भास्कर न्यूज |लुधियाना बीसीएम स्कूल सेक्टर-32 के प्रांगण में स्कूल बस के ड्राइवर की लापरवाही से पहली क्लास की छात्रा अमायरा (7) को कुचल दिया गया था। इस मामले में परिजन की मांग अभी भी स्कूल प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इसके रोष स्वरूप परिवार वाले घटना के चौथे दिन भी थाना डिवीजन-7 के बाहर धरने पर बैठे रहे। परिजनों की मांग की है कि जब तक स्कूल प्रिंसिपल को गिरफ्तार नहीं किया जाता उनका प्रदर्शन खत्म नहीं होगा। अमायरा को इंसाफ दिलवाने के लिए परिजनों की तरफ से बीती रात कैंडल मार्च भी निकाला गया था। वहीं मामले में एसएचओ भूपिंदर सिंह ने बताया कि बस ड्राइवर सिमरनजीत सिंह को अदालत में पेश कर उसको एक और दिन का रिमांड लिया गया है। ताकि उससे पूछताछ की जा सके। इसके साथ ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर उनके बयानों को भी दर्ज किया जा रहा है। ताकि घटना की असलियत का सही से पता किया जा सके। प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही के बाद ही जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स द्वारा स्कूलों में नियमित चेकिंग की जाती है। बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी इस आयोग की है, लेकिन जब भी स्कूल बसों से कोई हादसा होता है, तो जिला स्तर पर बनी कमेटी केवल खानापूरी के लिए चेकिंग शुरू कर देती है। चेकिंग उस समय की जाती है, जब स्कूल बसों के कागजात पूरे होते हैं। हाल ही में बीसीएम स्कूल सेक्टर-32 में हुई दुर्घटना के दौरान भी स्कूल बस के कागजात अधूरे थे। अब सभी अधिकारी चुनाव खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। चुनाव समाप्त होने के बाद ही स्कूल बसों पर कार्रवाई की जाएगी। स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स के लुधियाना इंचार्ज रश्मी ने बताया कि इस समय चुनावी व्यस्तताओं के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। चुनाव खत्म होने के बाद मीटिंग आयोजित कर, कमेटी के सदस्य बसों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे और उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में उचित कदम उठाना बेहद जरूरी है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और इस तरह के हादसों को रोका जा सके। वहीं, ट्रांसपोर्ट विभाग के एटीओ अभिषेक बांसल ने कहा कि शुक्रवार को निगम चुनाव में सारे अधिकारी व्यस्त रहे। इस कारण स्कूल बसों पर कार्रवाई नहीं की जा सकी। चुनाव के बाद जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। ये है पूरा मामला: बता दें कि 16 दिसंबर की सुबह को बीसीएम स्कूल के गेट-1 के पास ये घटना हुई थी। इसमें जब अमायरा नीचे गिरी तो ड्राइवर ने बिना देखे अपने वाहन को पीछे मोड़ लिया। इस वजह से बस का टायर अमायरा के ऊपर चढ़ गया। घटना के बाद जब बच्ची को अस्पताल लेकर जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद तुरंत पुलिस ने बस ड्राइवर सिमरनजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन परिजनों की मांग के बाद पर्चे से लापरवाही और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत स्कूल प्रिंसिपल और मैनेजमेंट का नाम भी दर्ज किया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने सिर्फ खानापूर्ति एक लिए ही पर्चे में प्रिंसिपल का नाम दर्ज किया है, क्योंकि अभी तक आरोपी को पूछताछ के लिए पुलिस थाने तक नहीं बुलाया गया है।

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