मुरैना जिले के पोरसा विकासखंड की ग्राम पंचायत तरसमा के शासकीय माध्यमिक विद्यालय में नशा करने से रोकने पर प्रभारी हेडमास्टर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोपी गांव के ही चाचा-भतीजे हैं, जो स्कूल परिसर में नशा कर रहे थे और छात्राओं के वीडियो बना रहे थे। 29 दिसंबर को हुई इस घटना की शिकायत अब दर्ज कराई गई है। पोरसा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है। तरसमा गांव के रहने वाले सफतू तोमर और उसका भतीजा छोटू तोमर अक्सर स्कूल परिसर में आकर नशा करते हैं और इंजेक्शन लगाते हैं। 29 दिसंबर की दोपहर करीब 2 बजे दोनों स्कूल के एक खाली कमरे में नशा करने के बाद छात्राओं के वीडियो बना रहे थे। छात्राओं ने इसकी शिकायत प्रभारी हेडमास्टर सतेंद्र तोमर से की। विरोध करने पर रजिस्टर फाड़ा, मारपीट की
हेडमास्टर ने जब दोनों को स्कूल से बाहर जाने के लिए कहा, तो वे भड़क गए। उन्होंने हेडमास्टर के साथ मारपीट शुरू कर दी और स्कूल का सरकारी रजिस्टर भी फाड़ दिया। मारपीट होते देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। पत्नी की बीमारी के कारण रिपोर्ट में देरी
प्रभारी हेडमास्टर सतेंद्र तोमर ने बताया, ‘आरोपी स्कूल में ही नशे के इंजेक्शन लेते हैं और लड़कियों का वीडियो बनाते हैं। रोकने पर मारपीट करते हैं। 29 दिसंबर को भी यही हुआ। घटना के बाद मेरी पत्नी की तबीयत खराब हो गई थी, इसलिए मैं उन्हें इलाज के लिए ग्वालियर ले गया था। वहां से वापस आकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।’ सिर्फ मारपीट का केस दर्ज, नशे के सोर्स की जांच नहीं
पोरसा पुलिस ने स्कूल में नशा करने वाले चाचा-भतीजे पर मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस ने यह जांच करना जरूरी नहीं समझा कि ग्रामीण अंचल में स्मैक, चरस या सूखा नशा कहां से उपलब्ध हो रहा है। थाना प्रभारी दिनेश कुशवाह ने बताया कि प्रभारी हेडमास्टर सतेंद्र तोमर की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।


