मध्यप्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड ने कांटाफोड़ वन परिक्षेत्र के कनाड़ा और अम्बापानी में अनुभूति कैंप लगाकर स्कूली बच्चों को वन और वन्य प्राणियों के बारे में जानकारी दी। इस कैंप में इकलेरा और गोदना के सरकारी स्कूलों के 252 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कैंप में बच्चों को जंगल की व्यावहारिक जानकारी दी गई। उन्हें क्षेत्र में पाए जाने वाले शाकाहारी और मांसाहारी वन्य प्राणियों के बारे में बताया गया। विशेष रूप से तेंदुआ, लकड़बग्घा और सियार जैसे जानवरों के पगमार्क और विष्ठा दिखाकर उनकी पहचान करना बताया। साथ ही पक्षियों, तितलियों और सरीसृपों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर ने वन संरक्षण पर ध्यान दिलाते हुए जंगल में आग से होने वाले नुकसान और पर्यावरण प्रदूषण के प्रति बच्चों को जागरूक किया। बच्चों को बताया कि वन क्षेत्र में गैरजिम्मेदाराना तरह से आग का उपयोग ना करें। कहीं आग जलती हुई दिखे तो वन विभाग के अधिकारियों को उसकी सूचना दें। बच्चों ने वन संरक्षण की शपथ लेते हुए जंगल में आग लगने की स्थिति में वन विभाग को तुरंत सूचित करने का संकल्प लिया। सभी प्रतिभागी बच्चों को अनुभूति टी-शर्ट और कैप दिए गए। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों इस कैंप में मौजूद रहे।


