आगर मालवा में वन विभाग “मैं भी बाघ” और “हम है बदलाव” की थीम पर पर्यावरण संरक्षण के अभियान चला रहा है। स्कूली छात्र-छात्राओं को वनों की उपयोगिता के बारे में जानकारी देने के लिए गुरुवार को गुफाबर्डा क्षेत्र में अनुभूति कार्यक्रम आयोजित किया गया। वन्यप्राणियों की जानकारी स्टूडेंट्स को दी इसमें छात्राओं को वन परिक्षेत्र का भ्रमण कराया गया। मास्टर ट्रेनर पदम परमार ने छात्राओं को वनस्पतियों उनके लाभ और वन्यप्राणियों की जानकारी दी। बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, भू-जल संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग, चीता, सांप, बाघ और जीवन में जंगल के महत्व को समझाया। मिशन लाइफ कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली को बढ़ावा देने और विवेकहीन और बेकार खपत के बजाय सावधानी के साथ और सुविचारित उपयोग करने पर ध्यान दिलाया। बच्चों के सिंगल यूज प्लास्टिक को छोड़कर अनसिले कपड़े, दुपट्टा या अपने गमछे से बैग बनाकर उपयोग करने को बढ़ावा दिया और प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की शपथ दिलाई। स्टूडेंट्स को प्रशस्ति पत्र दिए बच्चों को अपने जन्म दिवस पर अधिक से अधिक पौधे लगाने को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीईओ आर सी खंदार आगर-मालवा ने बच्चों के सवाल के जवाब भी दिए। इसके बाद बच्चों से वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की प्रतियोगिता आयोजित कर पुरस्कार वितरण किया गया। स्टूडेंट्स को प्रशस्ति पत्र दिए गए। कार्यक्रम में शा.क.उ.मा.वि. आगर और सीएम राइज स्कूल आगर के 126 छात्र-छात्राएं और शिक्षकों ने भाग लिया। इस अवसर पर लक्ष्मीनारायण चौधरी वन परिक्षेत्राधिकारी, मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विनोद कुमार सागरीया, लाखनसिंह उप वनक्षेत्रपाल, मंयक श्रीवास्तव वनपाल, छगलाल परमार वनरक्षक, गोविन्द नारायण शर्मा वनरक्षक, राकेश कुम्भकार वनरक्षक, विपिन शर्मा वनरक्षक, असदउल्लाखां वनरक्षक, नरेन्द्र सक्सेना वनरक्षक, अर्जुन चौहान वनरक्षक, गोपाल सूर्यवंशी और समस्त स्टाफ मौजूद रहे।


