स्टेशन पर फोन चोरी कर की जा रही साइबर ठगी; 2025 में 60 में से 47 ऐसे ही केस

भास्कर न्यूज |लुधियाना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मोबाइल चोरी और साइबर फ्रॉड की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। ट्रेन में चढ़ते समय भीड़ का फायदा उठाकर शातिर चोर यात्रियों के मोबाइल फोन चोरी कर रहे हैं। इसके बाद मोबाइल का लॉक तुड़वाकर बैंक खातों से रुपये निकाल लिए जा रहे हैं। बिना प्लेटफॉर्म टिकट लिए लोग घंटों स्टेशन परिसर में घूमते रहते हैं। प्लेटफॉर्म टिकट की न तो नियमित जांच हो रही है और न ही सख्ती बरती जा रही है। इसी लापरवाही के कारण स्टेशन अपराधियों के लिए आसान निशाना बनता जा रहा है। रेलवे प्रशासन और जीआरपी पुलिस की लापरवाही का खामियाजा सीधे यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। चोरी के साथ-साथ साइबर ठगी से उन्हें दोहरा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं इस मामले में थाना जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार, साल 2025 में लूट-चोरी के 60 के करीब मामले सामने आए हैं। इनमें से 47 मामले इसी तरह की ठगी के हैं, वहीं एसएचओ जतिंदर सिंह का कहना है कि जब यात्रियों के आने-जाने का समय होता है, उस समय पुलिस कर्मी चेकिंग करते रहते हैं। पुलिस ने ऐसे कई मामलों को सुलझाते हुए आरोपियों को पकड़ा भी है। थाना साइबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार चोरी किए गए फोन का लॉक तोड़ने के लिए चोर मोबाइल दुकानदारों से संपर्क करते हैं। जब दुकानदार फोन का लॉक खोलते हैं, तो हैकर्स उस फोन में मौजूद पर्सनल डेटा जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक आदि को स्कैन कर लेते हैं। इसके बाद वे ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए खाते से पैसे निकाल लेते हैं, क्योंकि बैंक से जुड़ा मोबाइल नंबर भी उनके पास होता है, जिससे ओटीपी मिल जाता है। जैसे ही पीड़ित व्यक्ति कंपनी से नया सिम कार्ड लेता है, उसके मोबाइल पर बैंक ट्रांजक्शन के मैसेज आने लगते हैं और उसे पता चलता है कि उसके खाते से पैसे निकाल लिए गए हैं। {केस-1 : होजरी व्यापारी से 8.50 लाख की ठगी: जून में दरेसी निवासी एक होजरी कारोबारी अपने परिवार को रेलवे स्टेशन छोड़ने गए थे। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अगले दिन जब कारोबारी ने नया सिम कार्ड लिया, तो उनके मोबाइल पर लगातार बैंक ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। जांच में सामने आया कि हैकर्स ने उनके बैंक खाते से 8.50 लाख रुपए निकाल लिए। {केस-2 : फैक्टरी कर्मचारी के 13,500 रुपए निकाले: 24 नवंबर को फैक्टरी कर्मचारी आनंद यादव के साथ चोरी और साइबर ठगी हुई। पीड़ित ने बताया कि वह सुबह करीब 5 बजे अपने जीजा को उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेन में चढ़ाने ढंढारी रेलवे स्टेशन गया था। जब वह सामान रखने के लिए बोगी में चढ़ा और नीचे उतरने लगा, तभी भीड़ में किसी ने उसकी जेब से मोबाइल निकाल लिया। थाना जीआरपी में शिकायत देने के बाद अगले दिन उसने नया सिम लिया, तो बैंक से पैसे निकलने के मैसेज आने लगे। जांच में सामने आया कि हैकर्स ने उसके खाते से 13,500 रुपए निकाल लिए। { केस-3 : पंडित के खाते से 2.50 लाख रुपए उड़ाए: 18 दिसंबर को भामिया कलां निवासी पंडित रविंदर झा के साथ भी यही वारदात हुई। पीड़ित ने बताया कि वह बिहार जाने वाली ट्रेन में चढ़ने के लिए ढंडारी स्टेशन गया था। सुबह के समय ट्रेन में चढ़ते वक्त भारी भीड़ थी। उसी भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने उसकी जेब से मोबाइल चोरी कर लिया। उसे फोन चोरी होने का पता तब चला जब ट्रेन चल चुकी थी। बिहार पहुंचकर उसने ऑनलाइन शिकायत दी। जब वापस लुधियाना आकर नई सिम ली, तो उसके मोबाइल पर 5-5 हजार रुपए के कई ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे, जो ऑनलाइन शॉपिंग के बिल थे। बैंक जाकर जांच करवाई तो पता चला कि उसके खाते से 2.50 लाख रुपए निकाले जा चुके हैं। इसके बाद उसने थाना जीआरपी और थाना साइबर क्राइम में शिकायत दी। {फोन चोरी होते ही उसे लॉक करें और डेटा रिमोटली डिलीट करने की कोशिश करें। {सिम कार्ड तुरंत ब्लॉक करवाएं। आईएमईआई नंबर के जरिए फोन को ट्रैक करवाएं। {बैंक को तुरंत सूचना दें और खाते को सुरक्षित करवाएं। {सभी जरूरी पासवर्ड बदलें।

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