भास्कर न्यूज | जनकपुर नगर पंचायत जनकपुर में स्ट्रीट लाइट की हेराफेरी सामने आई है। जनकपुर के वार्ड नं 1 पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में पुराना चीर घर से लेकर बीईओ कार्यालय तक कुल 20 स्ट्रीट लाइट स्वीकृत थी। वार्ड एक में मात्र 17 स्ट्रीट लाइट ही लगाई गई औरनगर पंचायत द्वारा 20 स्ट्रीट लाइट का भुगतान ठेकेदार को कर दिया गया। इसी रास्ते पर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भी है जहां के लिए स्वीकृति स्ट्रीट लाइट का गोलमाल कर दिया गया और स्ट्रीट लाइट अपने निर्धारित जगह पर नहीं लगाई गई। जिससे स्कूल के पास रात में अंधेरा होता है। जबकि अंधेरे वाली जगह पर अंधा मोड़ भी है। वार्ड पार्षद द्वारा पूछे जाने पर नगर पंचायत के किसी जिम्मेदार अधिकारी ने यह नहीं बताया कि आखिर यह स्ट्रीट लाइट के पोल कहां चले गए। नगर पंचायत जनकपुर अंतर्गत कुल 160 स्ट्रीट लाइट की स्वीकृति हुई थी। जिसमें नगर पंचायत में बिना अनुमति के 12 स्ट्रीट लाइट तहसील कार्यालय में लगा दी गई जबकि यह स्ट्रीट लाइट अन्य जगह के लिए स्वीकृत थी। स्ट्रीट लाइट कहां लगाई जानकारी नहीं: सीएमओ जनकपुर सीएमओ रमेश कुमार द्विवेदी से पूछा कि वार्ड नं 1 की तीन स्ट्रीट लाइट कहां लगी है तो बताया गया कि जानकारी नहीं है, ठेकेदार ने स्ट्रीट लाइट कहां लगा दिया।


