दैनिक भास्कर भास्कर संवाददाता| कतरगांव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या भारती ने मातृ प्रबोधन के लिए सप्त शक्ति संगम मातृ सम्मेलन का आयोजन सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर में किया। मुख्य वक्ता ममता सावनेर बमनाला ने कहा आज की माता को संस्कृति की वाहक बनना होगा। परिवार प्रबोधन के लिए सप्ताह में एक दिन कुटुंब भोज अवश्य रखें और प्रतिदिन परिवार के साथ शाम का भोजन साथ में बैठकर करें। उन्होंने बच्चों को संस्कार व संस्कृति से जोड़ने और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा “स्त्री ही घर की वास्तविक लक्ष्मी है। वही मेधा, धृति, स्मृति व क्षमा का अद्भुत स्वरूप है। ईश्वर द्वारा बनाया गया यह अनुपम रूप ही पूरे परिवार को जोड़कर रखता है। अध्यक्षता बसंती बाई पाटीदार ने की। मुख्य अतिथि अंजली पाटीदार रहीं। ग्राम भारती जिला खरगोन के प्रमुख भगवान पाटिल व विद्यालय के प्रधानाचार्य योगेंद्रसिंह मंडलोई मंचासीन रहे। सम्मेलन में विद्यालय की बहनों ने रानी लक्ष्मीबाई, माता अहिल्या, शबरी माता, भारत माता व जीजाबाई पर आधारित मोनो एक्टिंग की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में रामायण, महाभारत व महिलाओं से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी हुई। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कक्षा आठवीं व पांचवीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं राधिका वर्मा व शताक्षी पगारे की माताओं को मंच पर सम्मानित किया गया।


