भास्कर संवाददाता | पाली राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) पाली के तत्वावधान में शिक्षकों ने स्थानांतरण में भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ आवाज उठाई। संगठन जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह राणावत के नेतृत्व में कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष राणावत ने बताया कि राज्य सरकार ने 1 से 10 जनवरी 2025 के बीच स्थानांतरण पर लगी रोक हटा दिया है। यह छूट केवल अन्य विभागों के कार्मिकों तक सीमित है। शिक्षा विभाग को इस छूट से वंचित रखने के निर्णय ने लाखों शिक्षकों को निराश किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की शिक्षा और शिक्षकों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। जिला मंत्री ओमप्रकाश कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार ने कार्यकाल में अब तक दो बार अन्य विभागों के स्थानांतरण की अनुमति दी है। हर बार शिक्षा विभाग की अनदेखी की। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में रोष है। जिले के प्रदेश और संभागीय पदाधिकारी, आठों उपशाखाओं के अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महिला मंत्री और वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने सरकार से शिक्षा विभाग के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया समाप्त कर स्थानांतरण प्रक्रिया में समानता बरतने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा विभाग को स्थानांतरण की छूट में शामिल नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा। भगवान सिंह, रमेश कुमार, ओमप्रकाश वैष्णव, महेंद्रसिंह जैतावत, उदयसिंह, दिलीपसिंह चारण सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उपस्थिति दर्ज कराई।


