अलवर| काला कुआं स्थित वेंकटेश बालाजी दिव्य धाम के 9 वें स्थापना दिवस के दूसरे दिन शुक्रवार को धार्मिक अनुष्ठान हुए। मंत्रोच्चारण के साथ भगवान वेंकटेश बालाजी की उत्सव प्रतिमा का अभिषेक किया गया और भगवान बैकुंठ नाथ के स्वरूप में शृंगार किया गया। बैकुंठ नाथ की सुंदर झांकी सजाई गई। इस दौरान पर्यावरण की शुद्धि के लिए श्री लक्ष्मी नरसिंह मंत्र से यज्ञ में आहुति दी गई। सुदर्शन महायज्ञ और नृसिंह हवन हुआ। संध्या समय में भगवान लक्ष्मी वेंकटेश की सवारी काला कुआं क्षेत्र में चंद्रप्रभा वाहन पर निकाली गई। इस अवसर पर स्वामी सुदर्शनाचार्य ने कहा कि जैसे मानव शरीर की संरचना पांच तत्वों से होती है। ऐसे ही परमात्मा का भी पांच स्वरूप कहा गया है। परमात्मा का अंतर्यामी स्वरूप प्रत्येक प्राणी के अंदर विराजमान है। मूर्ति पूजा को अर्चावतार कहा गया। अर्चावतार भगवान भक्त के लिए सर्व सुलभ है। 15 फरवरी को भगवान लक्ष्मी वेंकटेश का कल्याण उत्सव अर्थात विवाह उत्सव मंदिर में शाम 6 बजे मनाया जाएगा।


