स्पेस टेक नीति-2026 को मंजूरी:800 मेगावाट सोलर परियोजनाओं पर भी मुहर; मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला

मोहन यादव सरकार ने आज स्पेस टेक नीति–2026 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 800 मेगावाट बिजली से संबंधित तीन एजेंडों को मंजूरी दी है। इनमें सोलर सह 4 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना, सोलर सह 6 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना और 24 घंटे की 200 मेगावाट सोलर सह स्टोरेज परियोजना की स्थापना शामिल है। उधर, कैबिनेट ने एक बार फिर इंदौर नगर के मध्य स्थित जामा मस्जिद के नमाजियों और क्षेत्र के नागरिकों के लिए चिकित्सालय, वाचनालय, उद्यान, कम्युनिटी हॉल और विद्यालय बनाने के लिए भूमि आवंटन से जुड़े दिग्विजय सरकार के फैसले पर पुनर्विचार के लिए एजेंडा लाया है। यह एजेंडा पिछले माह भी कैबिनेट में आ चुका था लेकिन ऐन मौके पर इसे डिफर कर दिया गया था। यह एजेंडा दिग्विजय सरकार के 27 सितम्बर 2003 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए लाया गया। हालांकि इस पर फैसले के बारे में जानकारी नहीं दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि स्पेस टेक नीति को मंजूरी दिए जाने से स्थानीय स्तर पर उपग्रह निर्माण को लेकर कवायद होगी और पांच साल में इसमें एक हजार करोड़ रुपए का निवेश आएगा। इस नीति से 8 हजार रोजगार सृजन की भी बात कही गई है। इससे पहले ब्रीफिंग के लिए ऐन वक्त पर मंत्री का चेंबर बदला दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले कहा कि प्रदेश में संकल्प से समाधान अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 16 विभागों की 91 हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से शुरू हुआ है, जो 15 फरवरी तक चलेगा। जबकि अभियान 31 मार्च तक चलाया जाएगा। डॉ. यादव ने कहा कि पहले चरण में घर-घर जाकर आवेदन लिए जाएंगे। दूसरे चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक कलस्टर स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। तीसरे चरण विकासखंड स्तर पर 16 से 26 मार्च तक होगा। जिसमें अनिराकृत शेष आवेदन और शिकायतें तथा नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। चतुर्थ चरण 26 से 31 मार्च तक जिला स्तर पर होगा। जिसके अंतर्गत जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर समस्त अनिराकृत शेष आवेदन और शिकायतों तथा नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त मंत्रीगण को अपने-अपने जिलों में अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। टैबलेट लेकर पहुंचे मुख्यमंत्री एवं मंत्री मोहन सरकार की यह पहली हाईटेक कैबिनेट बैठक है। जिसमें मुख्यमंत्री एवं मंत्री फाइलों की बजाय टैबलेट लेकर पहुंचे। सभी ने अपने प्रस्ताव टैबलेट से देखकर ही रखे और मुख्यमंत्री ने भी टैबलेट में देखकर उन प्रस्तावों पर चर्चा की। उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को हुई मंत्री परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ यादव की पहल पर प्रदेश में ई-कैबिनेट की प्रक्रिया आरंभ करने के उद्देश्य से मंत्रीगण को टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे तथा मंत्री परिषद के समक्ष ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रस्तुतीकरण हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बताया कि यह पहल प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है। इससे पेपरलेस कार्य प्रक्रिया अपनाने, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। शहरी अधोसंरचना विकास के लिए पांच हजार करोड़ मंजूर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के पांचवें फेज के लिए 3 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 एवं 2028-29) के लिए, 5 हजार करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसमें मास्टर प्लान की सड़कें जिले की प्रमुख एवं अन्य रोड तथा शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य, सडक सुरक्षा एवं शहरी यातायात सुधार, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, अन्य परियोजनाओं में गैप कवरेज से संबंधित कार्य, इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन ड्रेन तथा एसटीपी निर्माण संबंधी कार्य एवं राज्य शासन की प्राथमिकता के कार्य किये जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा। चायनीज मांझे से दुर्घटना न हो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति पर्व की मंगल कामनाएं दीं और कहा कि सभी जिलों में यह सुनिश्चित किया जाए कि चाइनीज मांझे से कोई दुर्घटना ना घटे। कैबिनेट में इन मुद्दों पर चर्चा और स्वीकृति

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