सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर 30 अप्रैल तक कर चुकाने की मोहलत मिलने के बाद नगर निगम पहली बार 100 करोड़ के नजदीक है। इसके लिए बचे 15 दिन में शेष 10 करोड़ रुपए की वसूली करनी होगी। निगम ने अपने सभी राजस्व करों में पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है, जिससे राजस्व वसूली में इजाफा हुआ है। पहली बार नगर निगम बिलासपुर राजस्व में 100 करोड़ वसूलने के करीब है। शासन से कर भुगतान में एक माह 30 अप्रैल तक दी गई छूट के बाद यह आंकड़ा 100 करोड़ तक पहुंच जाएगा। 100 करोड़ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बुधवार को निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सभी आरआई और एआरआई की मीटिंग लेकर 30 अप्रैल तक वसूली पूरा करने के निर्देश दिए। पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने संपत्तिकर, समेकित यूजर चार्ज, भूखंड, दुकान, नीलामी, किराया समेत अन्य स्रोतों को मिलाकर 87 करोड़ रुपये की वसूली की थी, मगर इस साल 31 मार्च तक 90 करोड़ 11 लाख की वसूली की है। अब तक टैक्स कलेक्शन कंपनी स्पैरो को जिन क्षेत्रों में वसूली का जिम्मा था, वहां निगम अमले के द्वारा इस साल की गई वसूली में औसतन 60 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। लगभग 8 महीने पूर्व से ही निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश में अभियान शुरू कर दिया था। डोर टू डोर संपर्क, शिविर, बड़े बकायादारों से सख्ती और नवाचार तथा ऑनलाइन सुविधा से निगम अपने लक्ष्य के करीब पहुंचा है। राजस्व वसूली को एक प्रकार से अभियान का रूप देते हुए लगातार मॉनीटरिंग की गई है। नगर निगम ने लगभग 8 माह पूर्व से ही निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश में अभियान शुरू कर दिया था। डोर टू डोर संपर्क, शिविर, बड़े बकायादारों से सख्ती और नवाचार तथा ऑनलाइन सुविधा से निगम अपने लक्ष्य के करीब पहुंचा है। इन करों में 41 प्रतिशत की अधिक हुई वसूली इस साल राजस्व का मुख्य आधार संपत्तिकर, समेकित और यूजर चार्ज को मिलाकर 56 करोड़ 5 लाख रुपये वसूला गया है, जो पिछले साल की अपेक्षा 41 प्रतिशत अधिक है और 31 अप्रैल तक आंकड़ा 50 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। पिछले साल इन तीनों को मिलाकर 40 करोड़ की वसूली की गई थी। हर साल दुकान, भूखंड, किराया समेत अन्य स्रोतों को मिलाकर आंकड़ा औसतन 80 करोड़ के आसपास तक पहुंचता था, मगर इस बार इन स्रोतों से कम बल्कि मुख्य राजस्व से अधिक वसूली हुई है।


