स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में 36 घंटे तक नॉन-स्टॉप इनोवेशन:30 टीमों के 180 स्टूडेंट्स सरकार की चुनौतियों के समाधान खोजेंगे

पूर्णिमा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (पीआईईटी) में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच)-2026 का ग्रैंड फिनाले सोमवार से आयोजित किया जा रहा है। 36 घंटे के इस आयोजन में देशभर से चयनित 30 टीमों के कुल 180 युवा प्रतिभागी लगातार काम करते हुए सरकार द्वारा प्रस्तुत समाजोपयोगी समस्याओं के नवाचारपूर्ण समाधान निकालेंगे। दूसरी बार नोडल सेंटर के रूप में चुना जाना पीआईईटी की तकनीकी क्षमता और आयोजन-प्रबंधन की दक्षता का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है। इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया और अधिक व्यापक होगी, क्योंकि कुल 26 जूरी सदस्य प्रतिभागियों के समाधानों की समीक्षा करेंगे। इनमें 14 सरकारी विभागों से आए वरिष्ठ विशेषज्ञ और 12 इंडस्ट्री के अनुभवी तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं, जो नवाचार, व्यावहारिकता और तकनीकी प्रभावशीलता के आधार पर समाधान का मूल्यांकन करेंगे। व्यवस्थाओं का औपचारिक मूल्यांकन करेंगे नोडल अधिकारी इसके साथ ही एआईसीटीई के नोडल अधिकारी आयोजन की व्यवस्थाओं का औपचारिक मूल्यांकन करेंगे, जबकि केंद्रीय मंत्रालय से प्रतिनिधि प्रस्तुत समाधानों की राष्ट्रीय उपयोगिता और भविष्य के कार्यान्वयन की संभावनाओं पर विशेष निगरानी रखेगा। इसके अतिरिक्त, एआईसीटीई और तकनीकी शिक्षा निदेशालय के प्रतिनिधी भी हैकथॉन में मौजूद रहेंगे। रचनात्मक सोच, डिज़ाइन थिंकिंग की मिलेगी प्रेरणा मेजबान पीआईईटी के निदेशक डॉ. दिनेश गोयल ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 युवा प्रतिभाओं को वास्तविक चुनौतियों पर काम करते हुए रचनात्मक सोच, डिज़ाइन थिंकिंग और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन समाधान बनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों के लिए अत्याधुनिक तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई-स्पीड इंटरनेट, मेंटरिंग सपोर्ट, समर्पित कार्यस्थल और सुगठित हॉस्पिटैलिटी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि सभी टीमें पूरी क्षमता के साथ नवाचार पेश कर सकें। कोडिंग क्षमता, समस्या-समाधान कौशल का प्रदर्शन इस हैकाथॉन में युवा इनोवेटर्स अपनी कोडिंग क्षमता, समस्या-समाधान कौशल और तकनीकी रचनात्मकता का प्रदर्शन करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि फिनाले में प्रस्तुत कई समाधान भविष्य में सरकारी विभागों और उद्योगों के लिए वास्तविक कार्यान्वयन के स्तर तक पहुंच सकते हैं। शिक्षा मंत्रालय और AICTE की संयुक्त पहल है हैकाथॉन स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और एआईसीटीई की संयुक्त पहल है, जो देशभर के युवाओं में नवाचार, तकनीकी उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करता है। पूर्णिमा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित हैकाथॉन का यह संस्करण राजस्थान के तकनीकी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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