सोमवार को जबलपुर के गाजी नगर में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम सहित चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में ही स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा किया गया। इस दौरान एसडीएम से स्थानी पार्षद की बहस भी हुई। वहीं, कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। विवादों के बीच कर्मचारी लगाते रहे स्मार्ट मीटर गाजी नगर में दोपहर को बिजली विभाग के कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे। इसकी जानकारी स्थानीय निर्दलीय पार्षद शफीक हीरा को लगी तो वे समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और मीटर लगाने का काम रुकवा दिया। कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पार्षद का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले एक सप्ताह का समय दिया जाए, पर अधिकारियों ने इससे इनकार कर दिया। इस पर पार्षद और अधिकारियों के बीच जमकर बहस हुई। भीड़ ने काम बाधित करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में रखी। एसडीएम पंकज मिश्रा और पार्षद शफीक हीरा आमने-सामने आ गए। एसडीएम ने कहा कि काम कानून और सरकारी आदेशों के अनुसार हो रहा है, इसलिए मीटिंग की आवश्यकता नहीं है। जबकि पार्षद का कहना था कि बिना बैठक और सहमति के यह कार्य शुरू करना क्षेत्र का कानून-व्यवस्था बिगाड़ सकता है। पुलिस की तैनाती, उपद्रव रोकने की कोशिश पूरे समय पुलिस बल मौजूद रहा ताकि कोई उपद्रवी हरकत न कर सके। बिजली विभाग में पदस्थ एसई संजय अरोरा ने बताया कि पूरे जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चल रहा है। गाजी नगर के लोगों को पिछले दो सालों से समझाइश दी जा रही है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के हित में हैं। टाइम ऑफ द डे (TOD) के तहत उपभोक्ताओं को लगभग 1 करोड़ रुपए की छूट दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता जितनी बिजली उपयोग करेंगे, उतना ही डेटा स्मार्ट मीटर के ऐप पर दिखाई देगा। विरोध करने वालों को पुलिस ने हिरासत में लिया एसडीएम पंकज मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार के आदेशों के अनुसार पूरे प्रदेश में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों में गलतफहमी है कि स्मार्ट मीटर से बिल बहुत बढ़ जाएगा, जबकि ऐसा नहीं है। अज्ञानता के कारण विरोध करने वालों को समझाइश दी गई है। पुलिस ने हंगामा करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। कार्रवाई के दौरान कुछ घरों में मीटर टेंपरिंग से बिजली चोरी का मामला भी सामने आया, जिसके बाद विभाग ने सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


