आगर मालवा में बिजली कंपनी (शहरी) द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगे हैं। भाजपा पार्षद मनीष सोलंकी ने मंगलवार को कलेक्टर प्रीति यादव को आवेदन देकर शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकृत ठेकेदार द्वारा नियम-कानूनों का उल्लंघन कर नगरभर में मीटर बदले जा रहे हैं, जिससे आम जनता की जान को खतरा है। पार्षद सोलंकी के अनुसार, लक्ष्य जल्दी पूरा करने की जल्दबाजी में मीटर शिफ्टिंग के दौरान भारी लापरवाही बरती जा रही है। कई स्थानों पर मीटर सही तरीके से नहीं लगाए गए हैं, जिससे खुले तार और असुरक्षित फिटिंग से किसी भी समय अप्रत्याशित हादसा हो सकता है। कर्मचारियों के पास नहीं आईडी शिकायत में यह भी कहा गया है कि ठेकेदार द्वारा लगाए गए कर्मचारियों के पास न तो कोई पहचान पत्र है और न ही उनका पुलिस सत्यापन कराया गया है। कार्य के दौरान मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी का कोई अधिकृत कर्मचारी भी मौजूद नहीं रहता। इसके अलावा, घर के मुखिया को बताए बिना, उसकी अनुपस्थिति में, यहां तक कि वर्षों से बंद पड़े भवनों में भी मीटर बदल दिए गए हैं। पार्षद ने आरोप लगाया कि कर्मचारी मीटर की रीडिंग की सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। वे ‘केबल कटी है’ या ‘कम रीडिंग है’ जैसे बहाने बनाकर नगरवासियों को डरा रहे हैं और अवैध रूप से पैसों की मांग कर रहे हैं। यह भी आरोप है कि ठेकेदार के कर्मचारी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम का दुरुपयोग कर सार्वजनिक रूप से राजनीतिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। आवेदन में मांग की गई है कि बिजली कंपनी और ठेकेदारों के बीच हुए करार, लाइसेंस, कार्य आदेश व नियम-शर्तों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएं और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि स्मार्ट मीटर की प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।


