लुधियाना| गुरु अंगद देव वेटरनरी और एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के स्मॉल एनिमल क्रिटिकल केयर को और सुविधाओं से लैस किया जाएगा। जिसको लेकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से 75 लाख की प्रोजेक्ट ग्रांट प्राप्त हुई है। इस परियोजना का उद्देश्य छोटे जानवरों की आपातकालीन और गंभीर देखभाल के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए संरचित अनुभवात्मक प्रशिक्षण देना है। साथ ही आईसीयू मामलों के निगरानी प्रबंधन के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण को बेहतर बनाना है। इस प्रोजेक्ट में यूनिट में आईसीयू केज लगाया जाएगा। पोर्टेबल अल्ट्रसाउंड और एक्सरे की भी सुविधा होगी। जहां पर इलाज की ज़रुरत है। वहीं पर अल्ट्रासाउंड और एक्सरे हो सकेगा। इस परियोजना का नेतृत्व डॉ. गुरप्रीत सिंह प्रीत मुख्य अन्वेषक के रूप में कर रहे हैं, जबकि डॉ. स्वर्ण सिंह रंधावा, डॉ. राजसुखबीर सिंह, डॉ. रणधीर सिंह और डॉ. जसनीत सिंह सह-मुख्य अन्वेषक के रूप में कार्य कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल ने इस परियोजना के लिए टीम को बधाई देते हुए कहा कि छोटे जानवरों की आपातकालीन और गहन चिकित्सा शिक्षा वेटरनरी मेडिसिन के सबसे अधिक तकनीकी और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में से एक है।


