स्लूस गेट बंद होने से नहर में पानी रुका:तीन गांवों के किसानों ने आगर कलेक्टर कार्यालय पर धरना दिया, बोले- फसलें सूखने लगीं

आगर-मालवा में बड़ौद तहसील क्षेत्र में नहर में पानी की सप्लाई बाधित होने से गड़ी, गंगापुर ऊपर का खेड़ा और पिपल्या चाचा गांवों के किसानों ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार पर बैठकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। किसानों का आरोप है कि रणायरा केलवा तालाब के स्लूस गेट में कुछ लोगों ने कॉन्क्रीट और मलबा भर दिया है, जिससे पानी निकलना पूरी तरह बंद हो गया है। इसके कारण खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार पुलिस और जल संसाधन विभाग को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्लूस गेट को खोलने और पानी की सप्लाई करने दिया आश्वासन ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर किरण वरवड़े को लिखित आवेदन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और स्लूस गेट को खोलने और पानी की सप्लाई बहाल करने के लिए योजना बनानी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भी आश्वासन दिया है। बांध लगभग 70 प्रतिशत भरा है जल संसाधन विभाग के एसडीओ प्रलेश बम्हनिया ने बताया कि बांध लगभग 70 प्रतिशत भरा है। उन्होंने कहा, “नहर के गेट पर 20 फीट तक मलबा भर दिया गया है, जिसमें मृत कुत्ता, कीटनाशक, गंदगी और कॉन्क्रीट शामिल है। हमने लगभग 6 फीट तक खुदाई भी की, लेकिन अब कठोर सामग्री आ चुकी है।” बम्हनिया ने आगे बताया कि ब्लास्ट करने से बांध को नुकसान हो सकता है। उन्होंने पुलिस को शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन उनका आवेदन नहीं लिया गया। एसडीओ ने कहा, “हमारी प्राथमिकता ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराना है। अब वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।”

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *