स्वच्छता में इंदौर को टक्कर दे रहे सूरत, मुंबई और विशाखापट्टनम की व्यवस्थाओं को करीब से देखने के लिए नगर निगम की टीमें दौरे पर जा रही हैं। नगर निगम के अधिकारी, एमआईसी मेंबर और पार्षद मिलकर इन शहरों में किए गए स्वच्छता नवाचारों का अध्ययन करेंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि शुक्रवार को 17 सदस्यों का दल मुंबई और सूरत के लिए रवाना होगा। इस दल में पार्षदों के साथ एमआईसी मेंबर भी शामिल रहेंगे। वहीं, 6 जनवरी को 27 सदस्यों की एक अलग टीम विशाखापट्टनम का दौरा करेगी। महापौर ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में इन तीनों शहरों से इंदौर को कड़ी चुनौती मिल रही है। सूरत, मुंबई और विशाखापट्टनम ने स्वच्छता के क्षेत्र में कई नए प्रयोग किए हैं, जिनसे शहरों की तस्वीर बदली है। इन्हीं बेहतर व्यवस्थाओं को समझने और इंदौर में लागू करने की संभावनाओं को देखने के लिए यह दौरा किया जा रहा है। सूरत जाने वाले दल की अगुआई एमआईसी सदस्य राजेश उदावत करेंगे। महापौर ने कहा कि यह दौरा सिर्फ सीखने का नहीं होगा, बल्कि इंदौर के स्वच्छता मॉडल को भी वहां प्रस्तुत किया जाएगा। वहां के जनप्रतिनिधि भी इंदौर से सीखने में रुचि दिखा सकते हैं। नगर निगम की टीमें इन शहरों में अलग-अलग जगहों पर जाकर सफाई व्यवस्था, प्लानिंग और प्रबंधन को देखेंगी। इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि उपयोगी व्यवस्थाओं को इंदौर में लागू किया जा सके। बीआरटीएस को लेकर 19 को बैठक महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि शहर में बीआरटीएस हटाने का काम तेजी से चल रहा है। इस रूट पर रोड मीडियन, एलिवेटेड कॉरिडोर और नए बस स्टॉप प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 19 तारीख को होने वाली बैठक में यह तय किया जाएगा कि किस जगह क्या निर्माण होगा और आगे की प्लानिंग कैसे की जाएगी।


