नगर निगम ग्रेटर आयुक्त रुकमणि रियाड़ ने बुधवार को लोगों से जुड़ी ऑनलाइन सर्विस को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था की सही मॉनिटरिंग के लिए जोन उपायुक्त एवं जोन ओआईसी सुबह 7 बजे से फील्ड में जाएं। सफाई कर्मचारियों की हाजिरी चैक की जाए, जो सफाई कर्मचारी मौके से अनुपस्थित रहे, उस पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सबसे पहले ओपन कचरा डिपो को उठाने का काम होना चाहिए। इससे शहर स्वच्छ दिख सके। आयुक्त ने ई-फाइल पर चर्चा करते हुए सभी अधिकारियों को 10 घंटे से भी कम समय में फाइलों के निस्तारण के निर्देश दिए। गंदगी फैलाने वालों के काटे चालान, कचरा संग्रहण का 100 फीसदी हो उन्होंने कहा कि खुले में गंदगी फैलाने वाले लोगों पर चालान की कार्रवाई की जानी चाहिए। निर्माणाधीन जिन बिल्डिंग पर ग्रीन नेट नहीं लगाया गया है, उन पर सख्त कार्रवाई करने और सीएनडी वेस्ट उठाने और होटल, रेस्टोरेंट, दुकानों आदि पर सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त करने के निर्देश दिए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का शत प्रतिशत कवरेज हो। जोन के सभी वार्ड क्षेत्र के संपूर्ण घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया करें। हेल्पर को हर घर से कचरा लेकर हूपर में डालने के लिए पाबंद किया जाए। कॉल सेंटर पर आ रही शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस साल 1 मार्च से 15 मई तक सभी नालों की सफाई और मरम्मत कार्य हो जाना चाहिए। इसके साथ ही द्रव्यवती नदी के आस-पास कचरे का निस्तारण किया जाए। आयुक्त ने फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस, ई-फाइल, मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त प्रकरण, संपर्क पोर्टल, डोर-टू-डोर वाहनों पर स्वच्छता ब्रांडिंग, राजस्व संबंधी प्रकरण, ओपन कचरा डिपो, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों की संबंधित एक-एक अधिकारी से विस्तृत चर्चा की।


