एमआई राेड पांच बत्ती के नृसिंह मंदिर परिसर स्थित शिवालय का भवन टूटा पड़ा है। मानसून में मंदिर के पिलर व बीम धाराशायी हाे गए थे। पिलर लटक हुए हैं और छत लकड़ी के जुगाड़ के सहारे टिकी हुई है। 6 माह से भक्त अधर झूल पिलराें के बीच से भाेलेनाथ की पूजा अर्चना कर रहे हैं। कभी भी बड़ा हादसा हाे सकता है। देवस्थान विभाग के अधिकारी आंखे मूंद कर बैठे हैं। यहां राेज करीब 500 से अधिक भक्त खतरा माेल लेकर खंडहर बने मंदिर में शिवजी की पूजा-अर्चना करने आते हैं। प्रशासन काेई ध्यान नहीं दे रहा है। भक्त अजय खंडेलवाल ने बताया कि पिछले 12 साल से नृसिंह मंदिर व शिव मंदिर आ रहा हूं। राेज शिवजी का जलाभिषेक के साथ पूजा-अर्चना करता हूं, लेकिन पिछले 6 माह से मंदिर टूटा हुआ है। डर ताे लगता है् लेकिन क्या करें भाेलेनाथ की पूजा ताे करनी ही हाेती है। 28 साल पहले हुआ था मंदिर पुनर्निर्माण… नृसिंह मंदिर व परिसर स्थित शिव मंदिर का वर्ष 1996 में पुनर्निर्माण हुआ था। उसी समय दाे ट्रस्टाें के बीच आपसी विवाद के चलते मंदिर के फिनिशिंग वर्क राेक दिया गया था। इस मंदिर का 1943 का मिर्जा इस्माइल का पट्टा बना हुआ है। 1996 से यह मंदिर का देवस्थान विभाग की ओर से संचालन किया जा रहा है। मंदिर रिपेयर की रिपाेर्ट बनाकर विभाग भेज दी मंदिर रिपेयर के लिए रिपाेर्ट बनाकर देवस्थान विभाग कार्यालय उदयपुर भेजी हुई है, वहां से स्वीकृति नहीं आई। इस वजह से काम अटका हुआ है। -आदित्य पारीक, मंदिर के व्यवस्थापक मंदिर का मामला मेरे संज्ञान में आने के बाद रिपेयर के लिए रिपाेर्टर बनाकर आयुक्त के पास भेजी हुई है। वहां से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।- रतनलाल याेगी, अतिरिक्त आयुक्त, देवस्थान विभाग


