छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्वतंत्र पंचायत की मांग को लेकर तमोरी गांव के लोगों ने कड़ा रुख अपनाया है। जनपद पंचायत पलारी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खपरी(भ) के आश्रित गांव तमोरी के 6 पंचों ने कलेक्टर को सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है। गांव के लोगों ने त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया। गांव में कुल 663 मतदाताओं में से मात्र 12 लोगों ने ही मतदान में हिस्सा लिया। ग्रामीणों ने उपसरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया को रोकने की मांग भी की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके गांव को स्वतंत्र पंचायत का दर्जा नहीं मिलता, तब तक वे चुनाव का बहिष्कार जारी रखेंगे। उनका मानना है कि स्वतंत्र सरपंच और उपसरपंच के बिना गांव का विकास संभव नहीं है। तमोरी के निवासियों का आरोप है कि उनके गांव में अब तक कोई सरपंच या उपसरपंच नहीं बना। इस कारण विकास कार्य पूरी तरह रुके हुए हैं। ग्रामीण धनलाल बारले के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। जमीनी स्तर पर कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं का अभाव गांव में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, जिससे ग्रामीणों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। राशन की समस्या: ग्रामीणों को राशन लेने के लिए दो किलोमीटर दूर आश्रित ग्राम खपरी जाना पड़ता है। सड़क और पेयजल संकट: गांव में सीसी रोड नहीं है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। साथ ही, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है, ग्रामीणों को पानी के लिए दूसरे मोहल्ले जाना पड़ता है। शौचालय निर्माण अधूरा: अधिकांश घरों में शौचालय नहीं बने हैं, जिससे खुले में शौच जाने की मजबूरी बनी हुई है। महिलाओं ने भी रखी अपनी मांग गांव की महिला जागेश्वरी नवरत्न ने बताया, “हमारे गांव में महिलाओं को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता है, सड़कें खराब हैं, राशन लेने के लिए खपरी जाना पड़ता है। जब तक हमारा गांव स्वतंत्र पंचायत नहीं बनेगा, तब तक कोई भी चुनाव में भाग नहीं लेगा।” स्वतंत्र पंचायत की मांग जारी ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तमोरी को स्वतंत्र पंचायत का दर्जा नहीं मिलता, वे चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। कलेक्टर को सौंपे गए सामूहिक इस्तीफे के जरिए उन्होंने अपनी मांग को और मजबूत कर दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन उनकी इस मांग को लेकर क्या कदम उठाता है।


