बिलासपुर में नगर निगम के अतिक्रमण अमले ने कार्रवाई के नाम पर एक बुर्जुग पति-पत्नी को घर की छत में रहने पर मजबूर कर दिया है। दो दिन पहले दयालबंद क्षेत्र के जगमल चौक से गुरुनानक चौक जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की, जिसमें घर के बाहर लगे सीढ़ी को भी उखाड़ दिया। इस दौरान छत पर फंसे पति-पत्नी मिन्नतें करते रहे। लेकिन, किसी ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। पार्षद ने भी अफसरों को घटना की जानकारी दी। लेकिन, अफसरों ने उनकी बातों को भी नजरअंदाज कर दिया। दरअसल, शहर की सड़कों पर दुकान संचालकों और ठेले वालों का कब्जा रहता है। इसके चलते सड़कें सकरी हो गई हैं। इससे ट्रैफिक भी बाधित होता है। निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर गुरुवार को नगर निगम अतिक्रमण शाखा और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। कार्रवाई गांधी चौक से शुरू हुई, जो जगमल चौक तक चली। इस दौरान दयालबंद में जमकर विवाद हुआ। दयालबंद में सलूजा स्टील द्वारा सड़क पर कब्जा करते हुए छड़ रख दी गई थी। इसके चलते ट्रैफिक बाधित हो रहा था। इस पर निगम ने सख्ती दिखाते हुए संचालक पर 25 हजार का जुर्माना भी किया। सीढ़ी हटाने के बाद छत पर कैद हैं बुर्जुग दंपत्ति
तोरवा क्षेत्र के जोन क्रमांक 6 में की गई इस कार्रवाई के दौरान निगम कर्मियों ने जगमल चौक के पास रहने वाले 70 वर्षीय दीपक प्रकाश तिवारी के घर की सीढ़ी तोड़ दी और उसे जब्त कर ले गए। इस कार्रवाई के बाद बुजुर्ग दंपति अपने ही घर में कैद हो गए हैं। दीपक प्रकाश तिवारी और उनकी पत्नी अब घर से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। आने जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है। जिसके कारण बुजुर्ग दंपति का घर की छत से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जब इस मामले में जोन कमिश्नर और नगर निगम के अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने मामले की जानकारी न होने का हवाला दिया है। वहीं बुजुर्ग का कहना है कि सुबह निगम के अतिक्रमण दस्ते की टीम ने अचानक मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी थी, इस दौरान न तो उन्होंने नोटिस दिया और न हो व्यवस्था बनाने के लिए मौका दिया। फोन कर मांग रहे मदद
बुजुर्ग ने बताया कि वो हार्ट पेशेंट है और उनकी पत्नी भी बीमार रहती हैं। ऐसे में निगम कर्मियों ने उनकी कोई बात सुने बगैर कार्रवाई कर दी। दो दिन से वो घर के अंदर कैद हैं। जरूरत के लिए उन्हें पड़ोसियों को मोबाइल पर काल करना पड़ रहा है। पार्षद की भी नहीं सुन रहे अफसर नवनिर्वाचित भाजपा पार्षद मोती गंगवानी ने बताया कि नगर निगम को कार्रवाई करने के पहले वार्ड पार्षद को सूचना देनी चाहिए। लेकिन, निगम के अफसरों ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। न ही जिनका कब्जा हटाया गया है उन्हें नोटिस दिया गया। इसके कारण लोगों को दिक्कतें हो रही है। जिस घर के सामने से सीढ़ी हटाया गया है, वहां बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। इसकी जानकारी उन्होंने निगम के अधिकारियों को भी दी है।


