भास्कर न्यूज | राजनांदगांव कलेक्टोरेट सभाकक्ष में महिला स्वसहायता समूह के विभिन्न उत्पादों एवं कृषक उत्पादक संगठन के विभिन्न फसलों के उत्पादन एवं विपणन के लिए साथी परियोजना के संबंध में अधिकारियों की बैठक कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को ली। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की साथी परियोजना अंतर्गत आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना, कृषकों की आय को दोगुना करना तथा मेक इन इंडिया, लखपति दीदी परियोजना को बढ़ावा देना है। किसानों की आय दोगुनी करने, महिला स्वसहायता समूह को मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना अंतर्गत जिले के किसानों तथा ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए समूह की महिलाओं को एक अच्छा प्लेटफार्म प्राप्त होगा। स्थानीय स्तर पर बनाए हुए उत्पादों की बिक्री, प्रसंस्करण, पैकेजिंग जैसे कार्य कर सकेंगे। दुकान एवं कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधा भी होगी। उद्यमिता के विकास के लिए लघु एवं मध्यम उद्यम को बढ़ावा देने के लिए शून्य लागत पर किराए की जगह प्रदान की जाएगी। उन्होंने साथी बाजार की स्थापना के लिए आवश्यक बजट, स्थल चयन, एफपीओ एवं स्वसहायता समूह के व्यवसाय के चयन के संबंध में चर्चा की। उन्होंने बताया कि कृषि उपज मंडी में साथी बाजार के संचालन के लिए स्थान का चिह्नांकन कर लिया गया है। इसे विकसित करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रिया यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर साथी संस्कारधानी फामर्स प्रोडयूसर कंपनी लिमिटेड के नाम की स्वीकृति की जानकारी दी गई। उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह ने कहा कि साथी परियोजना अंतर्गत साथी बाजार एक बहुत अच्छी अवधारणा है। जहां शहर के प्राईम लोकेशन में समूह की महिलाओं तथा एफपीओ को स्थान प्राप्त होगा। जहां वे अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि साथी बाजार में कृषक एवं एफपीओ तथा समूह की महिलाएं सीधे ग्राहक को बाजार दर पर अपने प्रोडक्ट बिक्री कर सकेंगे। जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।


