जिले के मयाली नेचर कैंप में गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 10 करोड़ रुपए की लागत की भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का भूमिपूजन कर पर्यटन विकास को नई दिशा दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट संदेश दिया कि जशपुर अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र ही नहीं रहेगा, बल्कि साहसिक पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों का भी प्रमुख गंतव्य बनेगा। मयाली क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत पांच आधुनिक पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस हॉल, कन्वेंशन हॉल और भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इसके साथ ही विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत क्षेत्र में लैंडस्केपिंग, पाथवे और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार होगा। बगीचा की कैलाश गुफा में घाट विकास, रेस्टिंग शेड और रेलिंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पर्यटन को स्थानीय रोजगार से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होम-स्टे नीति के जरिए स्थानीय ग्रामीण अपने घरों को पर्यटकों के लिए होम-स्टे के रूप में विकसित कर सकेंगे। यहां प्रस्तावित स्किल डेवलपमेंट सेंटर से स्थानीय युवाओं को टूर गाइड, होटल मैनेजमेंट, एडवेंचर टूरिज्म और डिजिटल बुकिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पलायन पर भी रोक लगेगी। वन विभाग की ओर से पर्यटकों की सुविधा के लिए डैम के किनारे टेंट हाउस की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक गोमती साय, पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा, माटीकला बोर्ड अध्यक्ष शंभुनाथ चक्रवर्ती, पर्यटन सचिव डॉ. रोहित यादव, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खेल प्रेमी, अधिकारी और लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री साय ने पर्यटक की तरह काउंटर पर 10 रुपए का प्रवेश शुल्क देकर टिकट लिया और मयाली नेचर कैंप में प्रवेश किया। उनके साथ पत्नी कौशल्या साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कैंप में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की शुरुआत की गई। सीएम साय ने एटीवी राइड के साथ स्पोर्ट्स मोटरबाइक चलाकर ट्रैक का जायजा लिया। उन्होंने बैलून शूटिंग में बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए खेल का शुभारंभ किया। वहीं धनुष-बाण से आर्चरी शूटिंग कर पारंपरिक खेलों को भी प्रोत्साहन दिया। माउंटेन साइकिल चलाकर उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली और फिटनेस का संदेश दिया। इसके अलावा बॉक्स क्रिकेट में बल्लेबाजी करते हुए शॉट्स लगाए। कैंप में कैक्टस गार्डन भी विकसित किया जा रहा है। इस विशेष गार्डन में देशभर में पाए जाने वाली विभिन्न कैक्टस प्रजातियों को संरक्षित किया गया है। इसका उद्देश्य न केवल पर्यटकों को आकर्षित करना है, बल्कि युवाओं और बच्चों को जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है।


