स्वयंसेवकों ने झाड़ू फावड़ा लेकर नाले में वर्षों से उगी जलकुंभी, प्लॉस्टिक, कचरे व झाड़ियों की सफाई की

भास्कर न्यूज| महासमुंद शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले सितली नाले की सूरत अब बदलने वाली है। यह बदलाव किसी सरकारी फाइल से नहीं, बल्कि आम जनता के पसीने और जनभागीदारी के जज्बे से आएगा। अविरल सितली-निर्मल सितली अभियान के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों और स्वाध्याय केन्द्र समिति ने मिलकर नाले के तट पर स्वच्छता का महा-अभियान चलाया। ​सुबह 7:30 बजे से ही सितली नाले के तट पर उत्साह का माहौल था। संघ की प्रातः शाखा के बाद बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने हाथ में झाड़ू और फावड़ा थामकर नाले के भीतर जमी जलकुंभियों, प्लास्टिक कचरे और झाड़ियों की सफाई की। मात्र एक घंटे के सघन श्रमदान ने स्वच्छता का एक बड़ा संदेश दिया। ​पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने कहा कि इसे केवल साफ ही नहीं किया जाएगा, बल्कि इसे एक आदर्श परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। नाले के दोनों ओर पैदल चलने के लिए पाथवे का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप देकर ही हम अपनी भावी पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण सौंप पाएंगे। प्रचारक ठाकुर राम ने स्वयंसेवकों ने कहा कि सितली नाले को उसके पुराने प्राकृतिक स्वरूप में लौटाना हम सभी शहरवासियों का नैतिक कर्तव्य है। इसे जन-आंदोलन बनाकर ही हम आने वाली पीढ़ी को हरा-भरा वातावरण दे पाएंगे। इस दौरान महेश चंद्राकर, भूपेंद्र राठौड़, घनश्याम सोनी, चंद्रशेखर साहू, आरएस माली, अनुप उपासे, धर्मेन्द्र डडसेना, जैनेन्द्र चंद्राकर, राधेश्याम सोनी, नारायण सिंह ठाकुर, संतोष ध्रुव, चन्द्रबदन मिश्रा, मोहन साहू, पवन साहू, राजेश डडसेना, निलेश पटेल, मनीष शर्मा, महेंद्र जैन, रामेश्वर साहू, सुरेन्द्र ठेठवार, लक्ष्मीकांत यदु, जितेन्द्र साहू, प्रांशु चंद्राकर, नूतन साहू, बब्बन कौशिक मौजूद थे। जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा: राम ठाकुर राम ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने जोर दिया कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाना केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि हमारा धर्म है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि वे अपनी जीवनशैली में परिवर्तन लाएं और प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण के साथ-साथ जल संरक्षण के प्रति सजग रहें। उपस्थित जनों ने संकल्प लिया कि वे निरंतर प्रयासों से सितली नाला को पुनः निर्मल और अविरल बनाकर ही दम लेंगे। गोलबाजार व्यापारी संघ के सदस्य आज श्रमदान कर नाले की सफाई करेंगे मोहन साहू ने कहा कि शुक्रवार को महासमुंद गोल बाजार के व्यापारी और सदस्य सुबह श्रमदान करेंगे। इस दौरान सितली नाला क्षेत्र की सफाई और जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर कार्य किए जाएंगे। 25 जनवरी को भी श्रमदान किया जाएगा। इसमें शहर के प्रबुद्ध वर्ग और व्यवसायियों का सहयोग मिलेगा। रविवार सुबह बार एसोसिएशन (अधिवक्ता संघ), शिक्षक संघ और राइस मिलर एसोसिएशन के सदस्य संयुक्त रूप से अभियान का हिस्सा बनेंगे और अपना श्रमदान करेंगे। चैन माउंटेन से मलबा बाहर निकाला, ताकि समतल हो सके अभियान में कार्य करने के लिए आज के तहत चैन माउंटेन मशीन सितली नाला लाया गया, इससे पुलिया के नीचे कचरा व मलबा हटाया गया और ग्राम खैरा की तरफ तट के मलबे को बाहर निकाल कर बराबर किया गया ताकि दोनों ओर लेवल बन सके। अभियान का उद्देश्य सितली नाला को पुनर्जीवित करना तथा उन्हें गंदगी से मुक्त रखना है। अविरल सितली-निर्मल सितली अभियान अब केवल एक अभियान न रहकर जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक उत्साह देखते ही बन रहा है।

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