राजस्थान की लोक-संस्कृति और थार के वैभव को वैश्विक मंच देने वाला ‘मरु महोत्सव-2026’ कल (30 जनवरी) से स्वर्ण नगरी के रेतीले धोरों पर सजने जा रहा है। तीन दिवसीय इस महाकुंभ के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं ताकि देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों को एक यादगार अनुभव मिल सके। कल सुबह 9 बजे निकलेगी भव्य शोभायात्रा
महोत्सव का विधिवत शुभारंभ कल सुबह 8:30 बजे सोनार दुर्ग में भगवान लक्ष्मीनाथ जी की आरती के साथ होगा। इसके बाद गड़सीसर झील से शहीद पूनमसिंह स्टेडियम तक लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। सुबह 10 बजे स्टेडियम में उद्घाटन समारोह होगा, जहाँ मिस मूमल, मरुश्री, मिसेज जैसलमेर और मूंछ प्रतियोगिता जैसे पारंपरिक मुकाबलों में प्रतिभागी अपना दमखम दिखाएंगे। तैयारियां युद्धस्तर पर, सुरक्षा के कड़े प्रबंध
महोत्सव के लिए पूनमसिंह स्टेडियम, सम और खुहड़ी के धोरों को सजाया जा चुका है। पर्यटकों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सुविधाओं के लिए सुदृढ़ प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। सहायक निदेशक कमलेशवर सिंह ने बताया कि स्टेडियम परिसर में आर्ट एंड क्राफ्ट मेला और फूड फेस्टिवल के स्टॉल्स भी लग चुके हैं, जो सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे। बॉलीवुड सिंगर मधुबंती बागची की सजेगी शाम
कल यानी 30 जनवरी की शाम को शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। इसमें मशहूर बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर मधुबंती बागची अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। साथ ही 200 ड्रोन द्वारा आसमान में विरासत की कलाकृतियां बनाई जाएगी। अगले दो दिनों में राज बर्मन और पियूष पंवार जैसे दिग्गज कलाकार सम और खुहड़ी के धोरों पर प्रस्तुतियां देंगे। शहीद दिवस पर दो मिनट का मौन
कल महोत्सव के उत्साह के बीच शहीद दिवस भी मनाया जाएगा। प्रशासन के निर्देशानुसार, सुबह 11:00 बजे सायरन बजते ही दो मिनट का मौन रखकर देश के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस दौरान उत्सव की सभी गतिविधियां दो मिनट के लिए थम जाएंगी। ये खबर भी पढ़ें…..
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जैसलमेर का मरु महोत्सव कल से शुरू होने जा रहा है। तीन दिन तक होने वाले इस फेस्टिवल में सबसे अहम हिस्सा है मिस्टर डेजर्ट और मिस मूमल का खिताब। कहा जाता है इन दोनों खिताब को जीतने के लिए एक साल के इंतजार के साथ ही एक साल की मेहनत भी करनी पड़ती है। ऐसा ही जुनून है जैसलमेर शहर के मनीष पंवार ने।(खबर पढ़ें)


