अमृतसर| बाल्यावस्था में मोटापा आज एक वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। डॉ. पुंज हॉस्पिटल (ईएमसी हॉस्पिटल्स की एक यूनिट) के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजन पुंज ने बच्चों के स्वास्थ्य पर इसके दुष्प्रभावों को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, प्रोसेस्ड फूड और डिजिटल स्क्रीन की लत बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को बाधित कर रही है। प्रोसेस्ड फूड और स्क्रीन टाइम है मुख्य दुश्मन डॉ. पुंज के अनुसार, फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट बंद स्नैक्स में मौजूद अत्यधिक चीनी, नमक और ट्रांस फैट कम उम्र में ही बच्चों को डायबिटीज और हृदय रोगों की ओर धकेल रहे हैं। इसके साथ ही, मोबाइल और टीवी पर घंटों समय बिताने से शारीरिक गतिविधियां शून्य हो गई हैं, जो मोटापे का प्राथमिक कारण है। डॉ. राजन पुंज ने कहा कि बच्चों के आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां और घर का बना पौष्टिक भोजन शामिल करें। डॉ. राजन पुंज ने अंत में संदेश दिया कि एक मजबूत राष्ट्र के लिए बच्चों का स्वस्थ रहना अनिवार्य है और अभिभावकों को आज से ही जागरूक होने की आवश्यकता है।


