स्वाइन फीवर से सूअरों को बचाने के लगाएंगे टीके

बांसवाड़ा| प्रदेश में सूअरों को क्लासिकल स्वाइन फीवर संक्रमण से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके तहत सभी जिलों में फरवरी तक सीएसएफ टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। अभियान के अंतर्गत सभी जिलों में सुअरों का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। चिकित्सक बताते हैं कि क्लासिकल स्वाइन फीवर संक्रामक एवं घातक रोग है। इसकी चपेट में आने से सूअरों की जान भी जा सकती है। टीकाकरण ही इस रोग से बचाव का उपाय है। निदेशक पशुपालन, डॉ सुरेशचंद मीना ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य सुअर पालन करने वाले पशुपालकों के पशुधन की सुरक्षा, रोग प्रसार की रोकथाम तथा आर्थिक क्षति को कम करना है। क्लासिकल स्वाइन फीवर संक्रामक विषाणु जनित रोग है। जिससे सुअरों में तेज बुखार, कमजोरी, भूख न लगना, रक्त स्राव के कारण कान, गर्दन और पेट पर छोटे छोटे चाकलेटी या नीले रंग के धब्बे दिखाई देना, दस्त होना और अंत में मृत्यु तक हो सकती है।

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