भास्कर न्यूज| बूंदी डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से शहर के पीजी कॉलेज में शिविर लगाया। राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों की ओर से संचालित सात दिवसीय शिविर के चौथे दिन साइबर सुरक्षा पर विशेष कार्यक्रम किया गया। मेरा युवा भारत व डिजिटल साक्षरता के लिए युवा थीम पर इस शिविर के प्रथम सत्र में साइबर अपराध के विविध प्रकार व रोक के उपाय विषय पर विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी। साइबर पुलिस बूंदी सेल की एएसपी अदिति चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर ठगी एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। इसमें युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों के माध्यम से लोगों को ठग रहे हैं, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। अनजान कॉल, लिंक और ओटीपी साझा करने से बचना अत्यंत आवश्यक है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के सहायक उप निरीक्षक व साइबर एक्सपर्ट मुकेंद्रपाल सिंह ने विभिन्न प्रकारों जैसे फर्जी कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल भुगतान से जुड़ी ठगी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन और संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सके। व्याख्यान के दौरान स्वयंसेवक निहारिका, नीलम और जुगराज ने साइबर सुरक्षा से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल भाषा में समाधान किया। इससे स्वयं सेवकों में साइबर अपराधों को लेकर जागरूकता बढ़ी। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में साइबर सुरक्षा विषय पर स्वयंसेवकों के मध्य आशु भाषण प्रतियोगिता कराई गई, जिसमें 15 प्रतिभागियों ने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता में युवाओं ने डिजिटल सतर्कता और साइबर सुरक्षा के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। संचालन नीलम गुर्जर व जुगराज प्रजापत ने किया, जबकि कार्यक्रम की रिपोर्ट कमल कुमावत की ओर से तैयार की गई। पूर्व स्वयंसेवक अरविंद प्रजापत भी एनएसएस के कार्यों के प्रति स्वयं सेवकों को प्रेरित कर रहे हैं। ऑनलाइन सुरक्षा के मजबूत उपाय बताए साइबर एक्सपर्ट सुभाष निठारवाल ने साइबर अपराध के आधुनिक आयामों पर प्रकाश डालते हुए ऑनलाइन सुरक्षा के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि मजबूत पासवर्ड, दो-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली और सतर्क ऑनलाइन व्यवहार से साइबर अपराधों से काफी हद तक बचा जा सकता है। साइबर एक्सपर्ट गिरधारीलाल ने भी साइबर सुरक्षा से जुड़ी उपयोगी जानकारियां साझा की। कार्यक्रम अधिकारी दिनेशकुमार शर्मा, मुकेश मीणा, जगदीशप्रसाद मेहता व रचना पारीक शामिल रही।


