भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जिले की मनोवैज्ञानिक स्वाति जैन ने नई दिल्ली में आयोजित भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नीति शिखर सम्मेलन में सहभागिता कर जशपुर का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर दर्ज कराया। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में दुनिया भर के विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भविष्य की नीतियों और चुनौतियों पर गहन मंथन किया। स्वाति शहर के समाजसेवी व व्यवसायी प्रदीप जैन की बहू और अभिषेक जैन की पत्नी हैं। यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन ईएसएमएचएए इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर मेंटल हेल्थ एडवोकेसी एंड एक्शन की अध्यक्ष डॉ. चीनू अग्रवाल द्वारा किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शिखर सम्मेलन भारत में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में जन-जागरूकता और सेवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस समिट में मुख्य वक्ता के रूप में अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आर्थर इवांस उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सा का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक विकास का एक अनिवार्य स्तंभ है। वहीं, अमेरिका की प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. एन वर्नन ने बच्चों के सामाजिक-भावनात्मक विकास पर विचार रखते हुए सुझाव दिया कि यदि विद्यालय स्तर से ही बच्चों को भावनात्मक समझ की शिक्षा दी जाए, तो भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। सम्मेलन के अनुभव साझा करते हुए स्वाति जैन ने कहा कि वैश्विक अनुभवों और भारत की जमीनी हकीकत का समन्वय ही सही नीति निर्माण की कुंजी है। उन्होंने छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। स्वाति जैन ने कहा कि नीति और व्यवहार के बीच की खाई को पाटना आज की सबसे बड़ी जरूरत है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति को भी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।


