छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी विद्यालयों में पिछले चार वर्षों से कार्यरत संविदा शिक्षक और कर्मचारियों ने अब नियमितीकरण और वेतन निर्धारण की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। रविवार को संविदा शिक्षकों और कर्मचारियों ने अंबिकापुर में एकजुट होकर धरना दिया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की घोषणानुसार शिक्षा विभाग में संविलियन करने की मांग की है। पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई आत्मानंद योजना के तहत अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के उत्कृष्ट विद्यालय खोले गए। इन स्कूलों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो नियमित सेवाएं दे रहे हैं। संविदा शिक्षकों को एक निश्चित वेतनमान दिया जा रहा है। अब संविदा शिक्षकों के साथ आत्मानंद स्कूलों में कार्यरत अन्य कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। धरना देकर सौंपा ज्ञापन
जिलेभर के आत्मानंद स्कूलों के संविदा शिक्षकों ने रविवार को अंबिकापुर में धरना दिया और दो सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा। संविदा शिक्षक संघ के संभाग अध्यक्ष अज्जू पांडेय ने बताया कि यह आंदोलन एक साथ पूरे प्रदेश में शुरू किया गया है। संघ का कहना है कि वर्ष 2020 से सीमित संसाधनों में भी शिक्षक और कर्मचारी पूरे समर्पण से शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को अंजाम देते आ रहे हैं। इससे इन स्कूलों की गुणवत्ता राज्य स्तर पर अग्रणी बनी है। वर्तमान में मिल रहा वेतन समय के अनुसार बढ़ती महंगाई और कार्यभार के अनुपात में अपर्याप्त है। इसलिए वे वार्षिक वेतनवृद्धि और योग्यता और अनुभव के आधार पर न्यूनतम वेतनमान निर्धारण की मांग कर रहे हैं। संविलयन कर करें नियमित
संघ ने पूर्व शिक्षा मंत्री व वर्तमान सांसद बृजमोहन अग्रवाल की उस घोषणा को दोहराया, जिसमें उन्होंने आत्मानंद स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को शिक्षा विभाग में संविलयन कर नियमित करने की बात कही थी। धरने में जिलेभर के संविदा शिक्षक शामिल हुए।


