गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के सेमरा में स्वामी आत्मानंद स्कूल हिंदी माध्यम के छात्रों के साथ भेदभाव का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल प्रशासन शासन और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। स्कूल के प्राचार्य ने कक्षा 8वीं के एक हिंदी माध्यम छात्र को बिना मांगे स्थानांतरण प्रमाण पत्र दे दिया। प्राचार्य का कहना था कि हिंदी माध्यम बंद हो चुका है। जबकि 22 अगस्त 2022 को जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट आदेश दिया था कि स्कूल में अंग्रेजी के साथ हिंदी माध्यम की कक्षाएं भी चलती रहेंगी। 16 अगस्त 2023 को स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ ने फिर से आदेश जारी किया। इसमें कहा गया कि राज्य में हिंदी माध्यम बंद नहीं किया गया है। स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में दोनों माध्यम समान रूप से चलेंगे। गलत जानकारी देकर स्कूल से निकाला शैक्षणिक सत्र 2020-21 और 2021-22 में भी हिंदी माध्यम के कई छात्रों को गलत जानकारी देकर स्कूल से निकाला गया। उन्हें बताया गया कि हिंदी माध्यम बंद हो गया है। हालांकि इस संबंध में शासन का कोई आदेश नहीं था। इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विरोध में ग्राम पंचायत सेमरा के सरपंच, जनप्रतिनिधि और स्कूली छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।


