योग शिक्षिका राफिया नाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने इरफान अंसारी की व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। एमपी-एमएलए मामले के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी ने पांच जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा था। इरफान ने एक न्यूज चैनल पर योग शिक्षिका के पहनावे को लेकर टिप्पणी की थी। राफिया ने 19 अगस्त 2020 को इरफान के खिलाफ लज्जा भंग करने, भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने व पहनावे पर टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए शिकायतवाद दर्ज कराया था। कोर्ट ने मानहानि और शांति भंग करने के इरादे से अपमान मामले में संज्ञान लिया और इरफान को पेश होने का समन जारी किया। मंत्री ने 23 मई को पेशी से छूट देने की याचिका दायर की थी। पूर्व मंत्री आलमगीर की जमानत याचिका हाईकोर्ट में खारिज टेंडर कमीशन घोटाले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। जस्टिस एसएन प्रसाद की कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि प्रार्थी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी अवैध आय के प्रबंधन में शामिल नहीं है। ईडी की चार्जशीट और गवाहों के बयान से आलमगीर की संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आती है। आर्थिक अपराधों में जमानत देने को लेकर अलग दृष्टिकोण जरूरी है।


